मुरादाबाद में जेई पर मजदूरों की पिटाई का आरोप: मामला SC/ST आयोग तक पहुंचा
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) के एक अवर अभियंता (JE) पर निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि जेई देवेंद्र यादव अपने सुरक्षाकर्मियों और मुंशी के साथ मौके पर पहुंचे और कथित रूप से मजदूरों पर डंडे बरसाने लगे।
इस घटना के बाद मजदूरों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है। बताया जा रहा है कि मामला अब SC/ST आयोग तक पहुंच गया है।
निर्माणाधीन बिल्डिंग पर अचानक पहुंचा अधिकारी
घटना पाकबड़ा थाना क्षेत्र के दिल्ली रोड स्थित एक निर्माणाधीन शोरूम की बताई जा रही है। यहां ठेकेदार सुनील कुमार, आनंद शर्मा के शोरूम का निर्माण कार्य करवा रहे थे।
शनिवार दोपहर मजदूर छत पर लिंटर डालने का काम कर रहे थे, तभी कथित तौर पर एमडीए के जेई देवेंद्र यादव अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि बिना किसी नोटिस या पूछताछ के उन्होंने मजदूरों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
डंडों से हमले का आरोप, भगदड़ में बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जेई ने हाथ में डंडा लेकर मजदूरों को दौड़ाना और मारना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मजदूर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भगदड़ में दो मजदूर संतुलन खोकर छत से नीचे गिर गए। मजदूर सोनू (निवासी बागड़पुर) के दोनों पैर टूट गए। लेखराज नामक मजदूर के हाथ में गंभीर फ्रैक्चर आया। दोनों घायलों को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में एक अधिकारी हाथ में डंडा लिए मजदूरों को धमकाते और दौड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
ठेकेदार ने बताई पूरी घटना
निर्माण कार्य के ठेकेदार सुनील कुमार का आरोप है कि जेई ने बिना किसी पूर्व सूचना के मजदूरों पर हमला कर दिया। ठेकेदार के मुताबिक, “अचानक हुए हमले से मजदूरों में डर और अफरा-तफरी फैल गई। खुद को बचाने के प्रयास में दो मजदूर छत से नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।”
घटना के बाद जेई मौके से फरार होने का आरोप
पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब मजदूर खून से लथपथ हालत में पड़े थे, तब आरोपी जेई अपनी टीम के साथ मौके से निकल गए। इसके बाद घायल मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने जांच की बात कही
इस मामले में ठेकेदार ने पाकबड़ा थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, घटना के कई घंटे बाद तक FIR दर्ज नहीं होने की बात सामने आई है, जिससे पीड़ित पक्ष में नाराजगी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि: शिकायत प्राप्त हो चुकी है, आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की जा रही है, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं, जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी जिम्मेदारी और मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
मुरादाबाद में सामने आई यह घटना प्रशासनिक जवाबदेही और मजदूरों की सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ले आई है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।


