
Anti-Hindu Hate in US: अमेरिका में दिवाली समारोह में हंगामा, हिंदुओं के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी
अमेरिका में दिवाली समारोह के दौरान हंगामा
अमेरिका में दिवाली समारोह के बीच हिंदू समुदाय के खिलाफ नस्लीय और धार्मिक नफरत का मामला सामने आया है। वाशिंगटन के सिएटल में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता जेक लैंग ने दिवाली उत्सव में बाधा डालने की कोशिश की। इस दौरान उसके साथ आए कुछ प्रदर्शनकारियों ने भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक संदेश लिखे पोस्टर दिखाए। समारोह में मौजूद लोगों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। घटना के बाद अमेरिका में हिंदू समुदाय के खिलाफ भेदभाव और धार्मिक नफरत को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
भारतीयों के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को सिएटल में आयोजित दिवाली समारोह के दौरान जेक लैंग और उसके साथ आए प्रदर्शनकारियों ने 'डिपोर्ट ऑल डॉट हेड्स' लिखे पोस्टर दिखाए। इस नारे के जरिए भारतीय मूल के लोगों को अमेरिका से बाहर निकालने की मांग की गई थी। समारोह में मौजूद कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों का विरोध किया और उन्हें कार्यक्रम में आगे बढ़ने से रोक दिया। इस घटना ने दिवाली जैसे सांस्कृतिक उत्सव के दौरान धार्मिक और नस्लीय भेदभाव का मुद्दा सामने ला दिया।
जेक लैंग ने सोशल मीडिया पर शेयर की विवादित पोस्ट
घटना के बाद जेक लैंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें और पोस्ट साझा कीं। उसने दावा किया कि सिएटल दिवाली समारोह में एंटीफा और हिंदू समुदाय के लोगों ने उसके समूह पर हमला किया। उसने अपने पोस्ट में भारतीयों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और आरोप लगाया कि हिंदुओं की वजह से टेक्सास में डेमोक्रेटिक पार्टी को राजनीतिक फायदा हुआ। हालांकि, उसके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
अमेरिकी चुनावों को लेकर भी लगाए आरोप
जेक लैंग ने अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों को लेकर भी सवाल उठाए। उसने दावा किया कि टेक्सास और कंसास जैसे राज्यों में रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन से जुड़े चुनावी नतीजों में धांधली हुई है। उसने चुनावी प्रक्रिया को चुनौती देने और परिणामों के प्रमाणन का विरोध करने की बात कही। हालांकि, चुनावों में धांधली से जुड़े उसके आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया।
3 जनवरी 2027 को वाशिंगटन में प्रदर्शन का ऐलान
जेक लैंग ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में 3 जनवरी 2027 को वाशिंगटन डीसी में प्रदर्शन करने की बात कही। उसने अपने समर्थकों को 'क्रिश्चियन क्रूसेडर्स' बताते हुए अमेरिकी कैपिटल पहुंचकर मध्यावधि चुनावों के प्रमाणन का विरोध करने का आह्वान किया। उसकी इस घोषणा के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उसके बयानों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।






























