फ्रैक्चर मरीज को कार्टन बांधकर किया गया रेफर: सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालबिहार के बेगूसराय के मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।वीडियो में सड़क हादसे में घायल युवक के पैर पर प्लास्टर की जगह कार्टन या गत्ते का सहारा दिया गया दिखाई दे रहा है।मामला सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया था।अस्पताल के प्रभारी ने डॉक्टर और ड्रेसर की कमी की बात कही है और कार्टन को प्राथमिक स्थिरीकरण के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की सफाई दी है।मामले को लेकर सिविल सर्जन ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल बेगूसराय के सरकारी अस्पताल से सामने आए वीडियो ने बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बहस छेड़ दी है।वीडियो में एक घायल युवक के फ्रैक्चर वाले पैर को कार्टन के सहारे बांधा गया नजर आ रहा है।रिपोर्टों के मुताबिक, घटना 15 जुलाई की बताई जा रही है और वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।घायल युवक सड़क हादसे में चोटिल होने के बाद मंझौल अस्पताल पहुंचा था।अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उस समय ऑर्थोपेडिक डॉक्टर और ड्रेसर उपलब्ध नहीं थे।वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल प्रशासन ने दी अपनी सफाई वायरल वीडियो के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।अस्पताल प्रभारी के अनुसार, फ्रैक्चर के मामले में तत्काल स्थिरीकरण के लिए कार्टन जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि घटना के समय अस्पताल में ऑर्थोपेडिक डॉक्टर और ड्रेसर उपलब्ध नहीं थे।घायल युवक को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेजा गया।वहीं, सिविल सर्जन ने पूरे मामले की जांच कराने और जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।अब जांच से यह स्पष्ट होगा कि इलाज की प्रक्रिया निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुरूप थी या नहीं।