जुहू में गैंगवार या टारगेट किलिंग: लॉरेंस गैंग कनेक्शन की जांच तेज
सपनों की नगरी मुंबई का सबसे सुरक्षित और वीआईपी इलाका माना जाने वाला जुहू शनिवार देर रात गोलियों की आवाज़ से दहल उठा। मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के ऑफिस और निवास के बेहद करीब अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद फिल्म सिटी से लेकर पूरे इलाके में डर और दहशत का माहौल है।
फॉरेंसिक टीम और मुंबई पुलिस मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। पूरे इलाके को सील कर दिया गया।
फॉरेंसिक टीम ने ज़मीन पर गिरे कारतूसों के खोखे, फिंगरप्रिंट्स और अन्य अहम साक्ष्य इकट्ठा किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावर 2 से 3 की संख्या में थे और बाइक पर सवार होकर आए थे।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह मामला जबरन वसूली (Extortion), गैंगवार, या फिर टारगेट किलिंग से जुड़ा है।
चार आरोपी गिरफ्तार, एक वांटेड घोषित
मुंबई पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुणे के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं—
आदित्य ज्ञानेश्वर गायकवाड़ (19),
सिद्धार्थ दीपक येनपुरे (20),
समर्थ शिवशरण पोमाजी (18),
स्वप्निल बंडू सकट (23),
इन सभी पर धारा 109, 61(2) के साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 3 और 25 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 37(1), 37(2) और 135 के तहत केस दर्ज किया गया है। अदालत ने सभी को 5 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वहीं, पांचवें आरोपी शुभम लोंकर को वांटेड घोषित किया गया है।



