4341 ब्राह्मणों के फर्जी ST प्रमाण पत्र: 2016 की पुरानी खबर को बताया जा रहा है हालिया

सोशल मीडिया पर एक अखबार की क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 4,341 ब्राह्मणों ने अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरियां हासिल कर लीं। दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के ओझा और नायक समुदाय के लोगों ने फर्जी एसटी प्रमाण पत्र लेकर विभिन्न जिलों में सरकारी पदों पर नौकरी प्राप्त की।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला नया नहीं बल्कि वर्ष 2014-2016 के बीच सामने आया था। शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने जांच के निर्देश दिए थे। आरोप था कि उच्च जाति समुदाय के कुछ लोगों ने शासनादेश की आड़ में अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया था।
किन जिलों में हुई थी जांच?
जांच पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में की गई थी, जिनमें प्रमुख हैं: बस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, देवरिया, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर
बस्ती में क्या कार्रवाई हुई थी?
बस्ती जिले में जांच के दौरान 36 लोगों की पहचान की गई, जिन्होंने गलत तरीके से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र प्राप्त किया था। इनके प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए। संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए। कुछ लोग शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत पाए गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पुष्टि की थी कि ओझा एवं नायक टाइटल वाले कुछ व्यक्तियों ने गलत तरीके से एसटी प्रमाण पत्र प्राप्त किया था।






