“यह केवल मानवीय भूल थी!”: प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों पर विराम
राजस्थान के बाड़मेर जिले से गणतंत्र दिवस के दिन सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस को जन्म दे दिया। वीडियो में जिला कलेक्टर और चर्चित IAS अधिकारी टीना डाबी ध्वजारोहण के बाद सलामी देती नजर आ रही हैं, लेकिन एक क्षण के लिए उनकी दिशा को लेकर सवाल खड़े किए गए।
गणतंत्र दिवस समारोह में क्या हुआ था?
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बाड़मेर जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में जिला कलेक्टर टीना डाबी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रगान के दौरान सलामी देते समय कुछ सेकेंड के लिए दिशा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी, जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया।
सैल्यूट को लेकर क्यों उठे सवाल?
वायरल वीडियो में दावा किया गया कि टीना डाबी ने राष्ट्रीय ध्वज की बजाय सामने लगे कैमरों की दिशा में सलामी दी। इसी आधार पर सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे “प्रोटोकॉल उल्लंघन” करार देते हुए आलोचना शुरू कर दी।
‘कैमरा कल्चर’ बनाम प्रशासनिक गरिमा
आलोचकों का कहना था कि सोशल मीडिया और कैमरों की मौजूदगी ने अधिकारियों को भी ‘इमेज कॉन्शियस’ बना दिया है। वहीं समर्थकों ने सवाल उठाया कि क्या कुछ सेकेंड की तकनीकी चूक को देशभक्ति पर सवाल उठाने का आधार बनाया जा सकता है?







