परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण: परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी का बड़ा संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 6 फरवरी को ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण में देशभर के छात्रों से संवाद किया। इस दौरान पीएम मोदी ने परीक्षा के तनाव, इंटरनेट के उपयोग, स्किल और मार्क्स के संतुलन, आत्मविश्वास और जीवन के लक्ष्य जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। करोड़ों छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा को डर नहीं, बल्कि उत्सव की तरह लेना चाहिए।
इंटरनेट सस्ता है, समय कीमती
पीएम मोदी ने छात्रों को इंटरनेट के उपयोग को लेकर खास चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “भारत में इंटरनेट सस्ता है, लेकिन आपका समय बेहद कीमती है। सोशल मीडिया पर स्क्रॉलिंग में अपना समय बर्बाद मत करो, इंटरनेट का उपयोग सीखने और आगे बढ़ने के लिए करो।”
‘25 साल अभी बाकी हैं’ – पीएम मोदी का बयान चर्चा में
परीक्षा पे चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने अपनी उम्र को लेकर एक मजेदार किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उनके 75वें जन्मदिन पर एक नेता ने फोन कर उम्र का जिक्र किया, जिस पर उन्होंने जवाब दिया – “25 साल अभी बाकी हैं। मैं बीते हुए को नहीं, बचे हुए को गिनता हूं।”
यह बयान न सिर्फ छात्रों को प्रेरित करता है, बल्कि इसे राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
स्किल बनाम मार्क्स: संतुलन जरूरी
एक छात्र के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि स्किल और मार्क्स में तुलना नहीं, बल्कि संतुलन होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि स्किल दो तरह की होती है—
लाइफ स्किल,
प्रोफेशनल स्किल,
पीएम मोदी ने कहा कि बिना पढ़ाई, ज्ञान और ऑब्जरवेशन के कोई भी स्किल विकसित नहीं हो सकती। ज्ञान ही हर स्किल की नींव है।
खुद पर विश्वास सबसे जरूरी
प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि माता-पिता, शिक्षक और दोस्त सलाह देते हैं, लेकिन अंत में सबसे जरूरी है खुद पर भरोसा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो, लेकिन आसानी से हासिल न हो—ताकि प्रेरणा बनी रहे।
ब्लाइंड क्रिकेट टीम का उदाहरण
पीएम मोदी ने ब्लाइंड क्रिकेट टीम की बच्चियों का जिक्र करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां ही असली जीवन बनाती हैं। दिव्यांग होते हुए भी उनकी जीत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि कंफर्ट जोन में रहना ही जीवन नहीं, चुनौतियों से लड़ना ही असली जिंदगी है।
पीएम मोदी के टॉप 5 ‘एग्जाम मंत्र’
परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं,
प्रतिस्पर्धा खुद से करें, दूसरों से नहीं,
डिजिटल फास्टिंग अपनाएं,
मुश्किल काम पहले निपटाएं,
एग्जाम वॉरियर बनें, रट्टू तोता नहीं,
सपने जरूरी हैं, लेकिन कर्म अनिवार्य
पीएम मोदी ने कहा कि सपने देखना जरूरी है, लेकिन केवल सपनों में खोए रहना काम नहीं आता। जीवन में कर्म को प्रधान बनाना ही सफलता की कुंजी है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का यह संस्करण छात्रों के लिए न सिर्फ परीक्षा बल्कि पूरे जीवन के लिए मार्गदर्शक साबित हुआ।







