एपस्टीन फाइल्स और भारत: पीएम मोदी के नाम पर अफवाहों का पर्दाफाश
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और एक्स (Twitter) पर ‘एपस्टीन फाइल्स 2026’ को लेकर सनसनी फैली हुई है। वायरल पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी दस्तावेजों में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भारतीय हस्तियों का नाम शामिल है, जिससे भारत पर “अंतरराष्ट्रीय दबाव” बढ़ सकता है।
लेकिन क्या ये दावे सच हैं? आइए तथ्यों के आधार पर समझते हैं।
क्या वाकई पीएम मोदी का नाम एपस्टीन फाइल्स में है?
सच्चाई क्या है?
30 जनवरी 2026 को जारी दस्तावेजों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम दो जगहों पर आया है। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि: नाम का उल्लेख किसी अपराध, जांच या आरोप के संदर्भ में नहीं है। पहला जिक्र 2017 की इजरायल यात्रा के संदर्भ में एक ईमेल में किया गया। दूसरा जिक्र 2019 के एक संचार में था, जिसमें एपस्टीन ने स्टीव बैनन और पीएम मोदी के बीच बैठक कराने की “कोशिश” का जिक्र किया। कहीं भी यह प्रमाण नहीं है कि ऐसी कोई बैठक हुई या भारत सरकार ने किसी भी प्रकार का संपर्क स्वीकार किया।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन दावों को सख्ती से खारिज किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा: “जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इसराइल की आधिकारिक यात्रा के तथ्य के अलावा ईमेल में बाकी बातें एक दोषी अपराधी की घटिया मनगढ़ंत बातें हैं, जिन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया जाना चाहिए।”
मंत्रालय ने साफ किया कि: कोई आधिकारिक संपर्क या बैठक का प्रमाण नहीं है। ईमेल में की गई अन्य टिप्पणियां एक दोषी अपराधी की “बेकार की बकवास” हैं।





