संसद में गूंजी ‘बहुजन’ की आवाज़: बोले— कागजों पर नहीं, जमीन पर चाहिए SC-ST-OBC को हक
नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद ने संसद के भीतर बहुजन समाज की आवाज़ को मजबूती से उठाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उनके भाषण ने न केवल संसद के गलियारों में हलचल मचा दी, बल्कि देशभर में सामाजिक न्याय को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया।
चंद्रशेखर आज़ाद ने साफ शब्दों में कहा कि देश में सामाजिक न्याय और समानता की बातें भले ही मंचों से की जाती हों, लेकिन ज़मीनी सच्चाई आज भी दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतियों और दावों के बीच आम बहुजन नागरिक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
SC, ST और OBC के हक पर सरकार को घेरा
अपने भाषण के दौरान सांसद आज़ाद ने कहा कि SC, ST और OBC वर्ग आज भी भेदभाव, बेरोज़गारी और अवसरों की असमानता से जूझ रहा है। शिक्षा, नौकरियों और प्रशासनिक सेवाओं में इन वर्गों की भागीदारी लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि योजनाएं बनती हैं, घोषणाएं होती हैं, लेकिन उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचता।
“सरकारी नीतियां आज भी फाइलों और भाषणों तक सीमित हैं, ज़मीनी स्तर पर बहुजन समाज की स्थिति जस की तस बनी हुई है,” ऐसा कहना था सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का।







