CM की लैंडिंग से पहले हेलीपैड पर ‘सांड का तांडव’: बेगूसराय में सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल

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बिहार के बेगूसराय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग से ठीक पहले हेलीपैड पर एक आवारा सांड घुस आया। 14 मार्च 2026 को बरौनी के बियाडा कैंपस में यह घटना हुई, जहाँ सीएम अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे।

हेलीपैड पर ‘तांडव’ — कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?
प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो के अनुसार: लैंडिंग से कुछ ही मिनट पहले सांड अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए अंदर घुस गया, हेलीपैड के बीचों-बीच पहुंचकर उसने जमकर उत्पात मचाया, पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए, कुछ जवान तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़कर खुद को सुरक्षित करते दिखे, इस दौरान पूरे परिसर में कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

सुरक्षा में बड़ी चूक! उठे गंभीर सवाल
यह घटना कई बड़े सवाल खड़े करती है:
हाई-सिक्योरिटी जोन में आवारा जानवर कैसे घुस गया?
बैरिकेडिंग और निगरानी में कमी क्यों रही?
क्या वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन हुआ?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह घटना हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के दौरान होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

स्थिति कैसे हुई नियंत्रण में?
सुरक्षाकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद सांड को हेलीपैड से बाहर निकाला। इसके बाद क्षेत्र को दोबारा सुरक्षित किया गया और कुछ देर बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से उतर गया।

वीडियो और तस्वीरों में दिखी हकीकत
घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें: पुलिसकर्मी भागते नजर आ रहे हैं, कुछ सुरक्षाकर्मी सांड को खदेड़ने की कोशिश कर रहे हैं, पूरा हेलीपैड कुछ देर के लिए ‘नो-कंट्रोल जोन’ बन गया |

क्या हो सकता था बड़ा खतरा?
अगर सांड लैंडिंग के समय रनवे/हेलीपैड पर मौजूद रहता: हेलीकॉप्टर के संतुलन पर असर पड़ सकता था, पायलट को इमरजेंसी टेक्निकल निर्णय लेना पड़ता, जान-माल का बड़ा नुकसान संभव था |

जिम्मेदार कौन?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है — इतनी बड़ी सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
प्रशासन की ओर से अब जांच की संभावना जताई जा रही है, और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की बात कही जा रही है।

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