ब्रेकिंग न्यूज़
भोजशाला में 721 साल बाद शुक्रवार को महाआरती:हाई कोर्ट के फैसले के बाद बदली तस्वीर||
गोंडा में दिल दहला देने वाला हादसा:सास के अंतिम संस्कार में आए दामाद को मगरमच्छ ने नदी में खींचा||
'T' अक्षर से नाम वाले लोग होते हैं बेहद खास:जानिए इनके व्यक्तित्व, स्वभाव और लव लाइफ के राज||
NCDRC का बड़ा फैसला:गलत किडनी निकालने वाले डॉक्टर पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना||
26 साल बाद खुला दर्दनाक राज:भाखड़ा नहर से मिली वैन||
भोजशाला में 721 साल बाद शुक्रवार को महाआरती:हाई कोर्ट के फैसले के बाद बदली तस्वीर||
गोंडा में दिल दहला देने वाला हादसा:सास के अंतिम संस्कार में आए दामाद को मगरमच्छ ने नदी में खींचा||
'T' अक्षर से नाम वाले लोग होते हैं बेहद खास:जानिए इनके व्यक्तित्व, स्वभाव और लव लाइफ के राज||
NCDRC का बड़ा फैसला:गलत किडनी निकालने वाले डॉक्टर पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना||
26 साल बाद खुला दर्दनाक राज:भाखड़ा नहर से मिली वैन||
Sadaiv Satya News
सर्च
वेब स्टोरीज़
सामाजिक
त्योहारसामाजिक मुद्देसमाज व जीवनशैलीमहिला सशक्तिकरणयुवा विषयग्रामीण विकासइतिहासशिक्षा
क्रिप्टो
धोखाधड़ी अलर्टट्रेडिंग टिप्स
वैश्विक हलचल
विश्व आपदाएँवैश्विक मुद्देअंतरराष्ट्रीय राजनीतिवैश्विक संघर्ष
सदैव विशेष
भारतीय इतिहाससनातन धर्मअवसरयात्रा और पर्यटनविशेष साक्षात्कारसकारात्मक समाचार
ज्योतिष
वास्तु टिप्सग्रहों की चाल
अध्यात्म
धर्मध्यानएकाग्रता
मीठी मिर्ची
सेलिब्रिटी गॉसिपरियलिटी शोविवादसोशल मीडिया वायरल
रहस्य एवं रोमांच
अपराध जांचपरालौकिकअनसुलझे रहस्यछिपी हुई त्रासदियाँआश्चर्यजनक तथ्य
अपराध की दुनिया
न्यायालयीन कार्यवाहीमादक पदार्थ अपराधऑनलाइन फ्रॉडगंभीर अपराधहिंसक अपराधसाइबर अपराध
खेल समाचार
बास्केटबालशूटिंग बॉलभाला फेंकमैराथनक्रिकेटफुटबॉलकुश्तीखिलाड़ी का अपडेटटूर्नामेंट अपडेट
विचार प्रवाह
विधिक समाचाररायशिक्षा..बहससामाजिक आलोचना
प्रेरक प्रयास
सफलता की कहानियाँप्रेरणादायक उद्धरणकरियर प्रेरणा
रंगीन पर्दा
बॉलीवुडपर्दे के पीछेसेलेब्रिटी ख़बरवेब सीरीज
भारत
राष्ट्रीय राजनीतिअर्थव्यवस्थायोजनाएँराष्ट्रीय मुद्देभारतीय संस्कृतिसंस्कृति और विरासतरक्षा
राजनीति
अंतर्राष्ट्रीय संबंधविश्व राजनीतिचुनावसंसदराज्य राजनीति
कारोबार
रिटेल & ई-कॉमर्सबाजार वित्तकॉर्पोरेटअंतर्राष्ट्रीय व्यापार
टेक्नोलॉजी
स्पेस टेकसाइबर सुरक्षाविज्ञान
बिहार
बेगूसरायपटनानालंदाबक्सरगयासहरसावैशालीदरभंगा
गुजरात
अहमदाबादसूरतवडोदरा
हरियाणा
गुड़गाँवहिसारफरीदाबादरोहतक
कर्नाटक
बैंगलुरुबेलगावीकोडागुतुमकुरु
मध्य प्रदेश
धारछिंदवाड़ादेवास उज्जैनशिवपुरीनर्मदापुरमकटनीशहडोलरीवासतनाजबलपुरइन्दौरविदिशाराजगढ़भोपालआगर मालवाबुरहानपुरमैहरसीधीसागरछतरपुर
महाराष्ट्र
अहिल्यानगरपुणेपरभणीरायगढ़पालघरकोल्हापुरनागपुरनासिकसोलापुरछत्रपति संभाजीनगर मुंबईअमरावती
ओडिशा
गंजामकटककेओंझारखोर्धामयूरभंज
पंजाब
लुधियानामोगाअमृतसरतरन तारन मोहालीपटियालारोपड़
राजस्थान
कोटाअजमेरजयपुरसीकरचूरूबाड़मेरचित्तौड़गढ़बीकानेरउदयपुरनागौर
तेलंगाना
हैदराबादनगरकरनूल
उत्तर प्रदेश
फतेहपुरआजमगढ़मथुराआगरागोंडाहरदोईफिरोजाबादलखनऊबुलंदशहरभदोहीमहराजगंजएटाचित्रकूटरायबरेलीललितपुरफर्रुखाबादशामलीकानपुरवाराणसीगोरखपुरबाँदाप्रयागराजमेरठमैनपुरीमिर्ज़ापुरहापुड़गौतम बुद्ध नगरसिद्धार्थनगरमहोबाबागपतसुल्तानपुरझाँसीगाज़ियाबादमुजफ्फरनगरबरेलीमुरादाबादअयोध्या कौशांबीश्रावस्तीअलीगढ़संभलबिजनौर
उत्तराखंड
हरिद्वारबागेश्वर देहरादूनउत्तरकाशीनैनीतालउधम सिंह नगर
दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी प्रदेश)
सेंट्रल दिल्लीपश्चिमी दिल्लीनई दिल्लीदक्षिण दिल्लीशाहदरा
जम्मू और कश्मीर
अनंतनाग

Follow Us

© 2026 Sadaiv Satya News

Logo
गुरुवार, मई 28, 2026
LIVE|राज्य|होम|वेब स्टोरीज़|वीडियो|प्रोफ़ाइल|
Sadaiv Satya Logo
LIVEराज्य-ज़िले
  • मीठी मिर्ची
  • राजनीति
  • सामाजिक
  • अपराध की दुनिया
  • खेल समाचार
  • ज्योतिष
  • भारत
  • वैश्विक हलचल
  • रंगीन पर्दा
  • टेक्नोलॉजी
  • विचार प्रवाह
  • प्रेरक प्रयास
  • रहस्य एवं रोमांच
  • सदैव विशेष
  • अध्यात्म
  • कारोबार
  • क्रिप्टो
  • ताज़ा हलचल
  • मीठी मिर्ची
  • राजनीति
  • सामाजिक
  • अपराध की दुनिया
  • खेल समाचार
  • ज्योतिष
  • भारत
  • वैश्विक हलचल
  • रंगीन पर्दा
  • टेक्नोलॉजी
  • विचार प्रवाह
  • प्रेरक प्रयास
  • रहस्य एवं रोमांच
  • सदैव विशेष
  • अध्यात्म
  • कारोबार
  • क्रिप्टो
  • ताज़ा हलचल
Sadaiv Satya News
सर्च
वेब स्टोरीज़
सामाजिक
त्योहारसामाजिक मुद्देसमाज व जीवनशैलीमहिला सशक्तिकरणयुवा विषयग्रामीण विकासइतिहासशिक्षा
क्रिप्टो
धोखाधड़ी अलर्टट्रेडिंग टिप्स
वैश्विक हलचल
विश्व आपदाएँवैश्विक मुद्देअंतरराष्ट्रीय राजनीतिवैश्विक संघर्ष
सदैव विशेष
भारतीय इतिहाससनातन धर्मअवसरयात्रा और पर्यटनविशेष साक्षात्कारसकारात्मक समाचार
ज्योतिष
वास्तु टिप्सग्रहों की चाल
अध्यात्म
धर्मध्यानएकाग्रता
मीठी मिर्ची
सेलिब्रिटी गॉसिपरियलिटी शोविवादसोशल मीडिया वायरल
रहस्य एवं रोमांच
अपराध जांचपरालौकिकअनसुलझे रहस्यछिपी हुई त्रासदियाँआश्चर्यजनक तथ्य
अपराध की दुनिया
न्यायालयीन कार्यवाहीमादक पदार्थ अपराधऑनलाइन फ्रॉडगंभीर अपराधहिंसक अपराधसाइबर अपराध
खेल समाचार
बास्केटबालशूटिंग बॉलभाला फेंकमैराथनक्रिकेटफुटबॉलकुश्तीखिलाड़ी का अपडेटटूर्नामेंट अपडेट
विचार प्रवाह
विधिक समाचाररायशिक्षा..बहससामाजिक आलोचना
प्रेरक प्रयास
सफलता की कहानियाँप्रेरणादायक उद्धरणकरियर प्रेरणा
रंगीन पर्दा
बॉलीवुडपर्दे के पीछेसेलेब्रिटी ख़बरवेब सीरीज
भारत
राष्ट्रीय राजनीतिअर्थव्यवस्थायोजनाएँराष्ट्रीय मुद्देभारतीय संस्कृतिसंस्कृति और विरासतरक्षा
राजनीति
अंतर्राष्ट्रीय संबंधविश्व राजनीतिचुनावसंसदराज्य राजनीति
कारोबार
रिटेल & ई-कॉमर्सबाजार वित्तकॉर्पोरेटअंतर्राष्ट्रीय व्यापार
टेक्नोलॉजी
स्पेस टेकसाइबर सुरक्षाविज्ञान
बिहार
बेगूसरायपटनानालंदाबक्सरगयासहरसावैशालीदरभंगा
गुजरात
अहमदाबादसूरतवडोदरा
हरियाणा
गुड़गाँवहिसारफरीदाबादरोहतक
कर्नाटक
बैंगलुरुबेलगावीकोडागुतुमकुरु
मध्य प्रदेश
धारछिंदवाड़ादेवास उज्जैनशिवपुरीनर्मदापुरमकटनीशहडोलरीवासतनाजबलपुरइन्दौरविदिशाराजगढ़भोपालआगर मालवाबुरहानपुरमैहरसीधीसागरछतरपुर
महाराष्ट्र
अहिल्यानगरपुणेपरभणीरायगढ़पालघरकोल्हापुरनागपुरनासिकसोलापुरछत्रपति संभाजीनगर मुंबईअमरावती
ओडिशा
गंजामकटककेओंझारखोर्धामयूरभंज
पंजाब
लुधियानामोगाअमृतसरतरन तारन मोहालीपटियालारोपड़
राजस्थान
कोटाअजमेरजयपुरसीकरचूरूबाड़मेरचित्तौड़गढ़बीकानेरउदयपुरनागौर
तेलंगाना
हैदराबादनगरकरनूल
उत्तर प्रदेश
फतेहपुरआजमगढ़मथुराआगरागोंडाहरदोईफिरोजाबादलखनऊबुलंदशहरभदोहीमहराजगंजएटाचित्रकूटरायबरेलीललितपुरफर्रुखाबादशामलीकानपुरवाराणसीगोरखपुरबाँदाप्रयागराजमेरठमैनपुरीमिर्ज़ापुरहापुड़गौतम बुद्ध नगरसिद्धार्थनगरमहोबाबागपतसुल्तानपुरझाँसीगाज़ियाबादमुजफ्फरनगरबरेलीमुरादाबादअयोध्या कौशांबीश्रावस्तीअलीगढ़संभलबिजनौर
उत्तराखंड
हरिद्वारबागेश्वर देहरादूनउत्तरकाशीनैनीतालउधम सिंह नगर
दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी प्रदेश)
सेंट्रल दिल्लीपश्चिमी दिल्लीनई दिल्लीदक्षिण दिल्लीशाहदरा
जम्मू और कश्मीर
अनंतनाग

Follow Us

© 2026 Sadaiv Satya News

Logo
गुरुवार, मई 28, 2026
LIVE|राज्य|होम|वेब स्टोरीज़|वीडियो|प्रोफ़ाइल|
Sadaiv Satya Logo
LIVEराज्य-ज़िले
  • मीठी मिर्ची
  • राजनीति
  • सामाजिक
  • अपराध की दुनिया
  • खेल समाचार
  • ज्योतिष
  • भारत
  • वैश्विक हलचल
  • रंगीन पर्दा
  • टेक्नोलॉजी
  • विचार प्रवाह
  • प्रेरक प्रयास
  • रहस्य एवं रोमांच
  • सदैव विशेष
  • अध्यात्म
  • कारोबार
  • क्रिप्टो
  • ताज़ा हलचल
  • मीठी मिर्ची
  • राजनीति
  • सामाजिक
  • अपराध की दुनिया
  • खेल समाचार
  • ज्योतिष
  • भारत
  • वैश्विक हलचल
  • रंगीन पर्दा
  • टेक्नोलॉजी
  • विचार प्रवाह
  • प्रेरक प्रयास
  • रहस्य एवं रोमांच
  • सदैव विशेष
  • अध्यात्म
  • कारोबार
  • क्रिप्टो
  • ताज़ा हलचल
Left Advertisement
उपश्रेणी
शिक्षात्योहारइतिहासग्रामीण विकाससामाजिक मुद्देसमाज व जीवनशैलीमहिला सशक्तिकरणयुवा विषय
उपश्रेणी
शिक्षात्योहारइतिहासग्रामीण विकाससामाजिक मुद्देसमाज व जीवनशैलीमहिला सशक्तिकरणयुवा विषय
  • SOCIAL
  • HISTORY

इतिहास

लाहौर में लौटे पुराने नाम: पाकिस्तान में फिर गूंजे कृष्णनगर, धर्मपुरा और जैन मंदिर चौक

इतिहास
पाकिस्तान में फिर गूंजे कृष्णनगर, धर्मपुरा और जैन मंदिर चौक
पाकिस्तान में फिर गूंजे कृष्णनगर, धर्मपुरा और जैन मंदिर चौक

लाहौर में लौटे पुराने नाम: पाकिस्तान में फिर गूंजे कृष्णनगर, धर्मपुरा और जैन मंदिर चौक

इतिहास

135वीं अंबेडकर जयंती: विचारों की क्रांति का दिन

इतिहास
विचारों की क्रांति का दिन
135वीं अंबेडकर जयंती: विचारों की क्रांति का दिन
इतिहास
विचारों की क्रांति का दिन

केरल का ‘ब्रेस्ट टैक्स’ कांड: नांगेली के बलिदान ने बदला इतिहास

इतिहास
नांगेली के बलिदान ने बदला इतिहास
केरल का ‘ब्रेस्ट टैक्स’ कांड: नांगेली के बलिदान ने बदला इतिहास
इतिहास
नांगेली के बलिदान ने बदला इतिहास

शहीद दिवस 2026: स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका

इतिहास
स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका
शहीद दिवस 2026: स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका
इतिहास
स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका

महाड़ सत्याग्रह: जब पानी बना अधिकार की लड़ाई का प्रतीक

इतिहास
जब पानी बना अधिकार की लड़ाई का प्रतीक
महाड़ सत्याग्रह: जब पानी बना अधिकार की लड़ाई का प्रतीक
इतिहास
जब पानी बना अधिकार की लड़ाई का प्रतीक

ताजमहल पर वक्फ़ दावा: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और 2005 का विवाद फिर चर्चा में

इतिहास
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और 2005 का विवाद फिर चर्चा में
ताजमहल पर वक्फ़ दावा: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और 2005 का विवाद फिर चर्चा में
इतिहास
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और 2005 का विवाद फिर चर्चा में

कैसे बदले इतिहास के पन्ने: औरंगजेब को 27 साल तक दौड़ाते रहे संताजी-धनाजी

इतिहास
औरंगजेब को 27 साल तक दौड़ाते रहे संताजी-धनाजी
कैसे बदले इतिहास के पन्ने: औरंगजेब को 27 साल तक दौड़ाते रहे संताजी-धनाजी
इतिहास
औरंगजेब को 27 साल तक दौड़ाते रहे संताजी-धनाजी

लाहौर में लौटे पुराने नाम: पाकिस्तान में फिर गूंजे कृष्णनगर, धर्मपुरा और जैन मंदिर चौक

इतिहास
पाकिस्तान में फिर गूंजे कृष्णनगर, धर्मपुरा और जैन मंदिर चौक
पाकिस्तान में फिर गूंजे कृष्णनगर, धर्मपुरा और जैन मंदिर चौक

लाहौर में लौटे पुराने नाम: पाकिस्तान में फिर गूंजे कृष्णनगर, धर्मपुरा और जैन मंदिर चौक

पाकिस्तान के लाहौर शहर में एक बार फिर इतिहास और विरासत को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के नेतृत्व में कई इलाकों, सड़कों और चौकों के पुराने नाम दोबारा बहाल किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें कई नाम हिंदू और ब्रिटिश दौर से जुड़े रहे हैं, जिन्हें पहले इस्लामी या स्थानीय नामों से बदल दिया गया था। अब लाहौर का इस्लामपुरा फिर से कृष्णनगर कहलाएगा, जबकि बाबरी चौक को दोबारा जैन मंदिर चौक नाम दिया गया है। वहीं मुस्तफाबाद का नाम बदलकर धर्मपुरा कर दिया गया है। इस फैसले ने पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया में चर्चा छेड़ दी है। मरियम नवाज सरकार का बड़ा फैसला बताया जा रहा है कि इसी साल मार्च में हुई एक अहम बैठक में पंजाब सरकार ने ऐतिहासिक पहचान से जुड़े पुराने नामों को वापस लाने का निर्णय लिया था। इस बैठक की अध्यक्षता खुद पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने की थी। सरकार का कहना है कि लाहौर की असली पहचान उसके इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है। इसलिए पुराने नामों को बहाल करना शहर की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कौन-कौन से नाम बदले गए? लाहौर में जिन प्रमुख इलाकों और चौकों के नाम बदले गए हैं, उनमें शामिल हैं: इस्लामपुरा → कृष्णनगर बाबरी चौक → जैन मंदिर चौक मुस्तफाबाद → धर्मपुरा इसके अलावा भी कई ऐतिहासिक स्थानों के पुराने नामों को वापस लाने की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।

इतिहास

135वीं अंबेडकर जयंती: विचारों की क्रांति का दिन

इतिहास
विचारों की क्रांति का दिन
135वीं अंबेडकर जयंती: विचारों की क्रांति का दिन

14 अप्रैल का दिन भारत के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है। यह केवल एक हॉलिडे नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की चेतना का प्रतीक है। इस दिन देशभर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाती है। साल 2026 में उनकी 135वीं जयंती पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा घोषित इस अवकाश के कारण बैंक, स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थान बंद रहते हैं, लेकिन इस दिन का असली महत्व छुट्टी से कहीं अधिक है। डॉ. अंबेडकर: संघर्ष से शिखर तक डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू (अब डॉ. अंबेडकर नगर) में हुआ था। बचपन में सामाजिक भेदभाव का सामना करने के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। उन्होंने कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की और भारतीय समाज में परिवर्तन की नींव रखी। वे भारतीय संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन थे और उन्होंने देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा दिया। संविधान और सामाजिक न्याय के निर्माता डॉ. अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से मौलिक अधिकारों, समानता और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित किया। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था, महिला अधिकार और दलित उत्थान के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए। उनकी सोच केवल कानून तक सीमित नहीं थी, बल्कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर दिलाने की थी।

इतिहास
विचारों की क्रांति का दिन

केरल का ‘ब्रेस्ट टैक्स’ कांड: नांगेली के बलिदान ने बदला इतिहास

इतिहास
नांगेली के बलिदान ने बदला इतिहास
केरल का ‘ब्रेस्ट टैक्स’ कांड: नांगेली के बलिदान ने बदला इतिहास

19वीं सदी का भारत गहरी सामाजिक असमानताओं और कठोर जाति व्यवस्था से जकड़ा हुआ था। यह वह दौर था जब समाज में व्यक्ति की पहचान उसके कर्म या व्यक्तित्व से नहीं, बल्कि उसकी जाति से तय होती थी। विशेष रूप से महिलाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय थी—उनके अधिकार सीमित थे और जीवन कई प्रकार की सामाजिक बंदिशों में बंधा हुआ था। केरल के त्रावणकोर राज्य में यह असमानता और भी भयावह रूप में दिखाई देती थी। यहां निम्न जाति की महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था। उन्हें अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को ढकने का अधिकार नहीं था। अगर वे ऐसा करतीं, तो उन्हें ‘ब्रेस्ट टैक्स’ यानी ‘मुलक्करम’ देना पड़ता था। यह कर केवल आर्थिक बोझ नहीं था, बल्कि महिलाओं की गरिमा, निजता और आत्मसम्मान पर सीधा हमला था। लोककथाओं के अनुसार, यह टैक्स महिलाओं के स्तनों के आकार के आधार पर तय किया जाता था—जो इस प्रथा को और भी अपमानजनक बना देता है। त्रावणकोर की सामाजिक संरचना और जातिगत भेदभाव त्रावणकोर की सामाजिक व्यवस्था सामंतवादी ढांचे पर आधारित थी, जहां समाज विभिन्न जातियों में बंटा हुआ था। उच्च जातियों—जैसे नम्बूदरी ब्राह्मण और नायर—को विशेषाधिकार प्राप्त थे, जबकि एझावा, नाडार और अन्य निम्न जातियों को कठोर नियमों का पालन करना पड़ता था। इन नियमों में केवल सामाजिक व्यवहार ही नहीं, बल्कि पहनावे, रहन-सहन और यहां तक कि शरीर से जुड़े अधिकार भी शामिल थे। निचली जातियों पर तरह-तरह के कर लगाए जाते थे—मूंछ रखने पर कर, आभूषण पहनने पर कर, मछली पकड़ने के उपकरण पर कर, और यहां तक कि शरीर को ढकने पर भी कर। महिलाओं के लिए यह व्यवस्था और भी क्रूर थी। उन्हें न केवल आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ता था, बल्कि उनके शरीर और अस्तित्व पर भी समाज का नियंत्रण था। यह स्थिति मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन का उदाहरण थी।

इतिहास
नांगेली के बलिदान ने बदला इतिहास

शहीद दिवस 2026: स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका

इतिहास
स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका
शहीद दिवस 2026: स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका

हर साल 23 मार्च को भारत में शहीद दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देने के लिए समर्पित है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यह दिन विशेष रूप से भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत की याद दिलाता है, लेकिन इसके साथ ही यह सभी वीरों के बलिदान का प्रतीक है। शहीद दिवस का इतिहास शहीद दिवस का इतिहास भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ है। अंग्रेजों के करीब 200 वर्षों के शासन के खिलाफ देशभर में विद्रोह की लहर उठी। हर वर्ग के लोगों ने आज़ादी के लिए संघर्ष किया। इसी दौरान युवा क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांति की मशाल जलाई। 1928 में लाला लाजपत राय की मृत्यु के बाद भगत सिंह और उनके साथियों ने जिम्मेदार ब्रिटिश अधिकारी की हत्या कर दी। इसके बाद 1929 में केंद्रीय असेंबली में बम फेंककर “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा लगाया गया, जिससे पूरे देश में जागरूकता फैली। 23 मार्च 1931: बलिदान का दिन 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु को फांसी दे दी गई। तीनों क्रांतिकारियों ने हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ।

इतिहास
स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों की भूमिका
और समाचार

महाड़ सत्याग्रह: जब पानी बना अधिकार की लड़ाई का प्रतीक

इतिहास
जब पानी बना अधिकार की लड़ाई का प्रतीक
जब पानी बना अधिकार की लड़ाई का प्रतीक

महाड़ सत्याग्रह: जब पानी बना अधिकार की लड़ाई का प्रतीक

इतिहास

ताजमहल पर वक्फ़ दावा: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और 2005 का विवाद फिर चर्चा में

इतिहास
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और 2005 का विवाद फिर चर्चा में
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और 2005 का विवाद फिर चर्चा में

ताजमहल पर वक्फ़ दावा: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और 2005 का विवाद फिर चर्चा में

इतिहास

कैसे बदले इतिहास के पन्ने: औरंगजेब को 27 साल तक दौड़ाते रहे संताजी-धनाजी

इतिहास
औरंगजेब को 27 साल तक दौड़ाते रहे संताजी-धनाजी
औरंगजेब को 27 साल तक दौड़ाते रहे संताजी-धनाजी

कैसे बदले इतिहास के पन्ने: औरंगजेब को 27 साल तक दौड़ाते रहे संताजी-धनाजी

इतिहास
ट्रेंडिंग
क्रिकेटराष्ट्रीय राजनीतिराष्ट्रीय मुद्देअनसुलझे रहस्यन्यायालयीन कार्यवाहीत्वरित सुर्खियाँसामाजिक मुद्देसकारात्मक समाचार
ट्रेंडिंग
क्रिकेटराष्ट्रीय राजनीतिराष्ट्रीय मुद्देअनसुलझे रहस्यन्यायालयीन कार्यवाहीत्वरित सुर्खियाँसामाजिक मुद्देसकारात्मक समाचार
Right Advertisement
सदैव सत्य मीडिया
सदैव सत्य मीडिया

विश्वसनीय और निष्पक्ष समाचार — भारत के हर कोने से, हर पल।

विभाग

  • होम
  • भारत
  • राजनीति
  • मनोरंजन
  • खेल

हमारे बारे में

  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • उपयोग की शर्तें
  • अस्वीकरण

कानूनी

  • आरएसएस फीड
  • प्रसार भारती
  • निवेशक संबंध
Payzon Shoppy

© 2026 Sadaiv Satya Media & Broadcasting Pvt. Ltd.·सर्वाधिकार सुरक्षित

+91 75548 59540|sadaivsatyamedia@gmail.com
♈︎♉︎♊︎♋︎♌︎♍︎♎︎♏︎♐︎♑︎♒︎♓︎ज्योतिषताजा हलचलवीडियोवेब स्टोरीज़सदैव विशेष