ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध का खतरनाक मोड़: कतर की सबसे बड़ी गैस फैसिलिटी पर ईरानी हमला

कतर की सबसे बड़ी गैस फैसिलिटी पर ईरानी हमला

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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अब ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर सीधे निशाने पर आ गया है। ईरान ने कतर की सबसे बड़ी गैस फैसिलिटी रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर दिया है। यह वही जगह है जहां दुनिया का सबसे बड़ा LNG (Liquefied Natural Gas) उत्पादन होता है। हमले के बाद: प्लांट में आग लग गई, उत्पादन तुरंत रोक दिया गया, वैश्विक गैस सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा, कतर की सरकारी कंपनी QatarEnergy ने पुष्टि की है कि हालात को देखते हुए LNG उत्पादन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

ईरान का बदला और बढ़ता युद्ध
यह हमला अचानक नहीं हुआ।
दरअसल: इजरायल ने ईरान के South Pars Gas Field पर हमला किया, इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया,
ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका था कि: कतर, सऊदी अरब और UAE के तेल-गैस ठिकाने अब टारगेट होंगे, अब यह धमकी हकीकत में बदलती दिख रही है।

दुनिया के ऊर्जा बाजार में हड़कंप
रास लाफान दुनिया की LNG सप्लाई का करीब 20% हिस्सा देता है।
ऐसे में:
LNG सप्लाई बाधित,
एशिया और यूरोप में संकट,
ब्रेंट क्रूड की कीमत 8% तक उछली,
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि: गैस और तेल की कीमतों में और तेज उछाल आ सकता है

भारत पर सबसे बड़ा असर क्यों?
भारत के लिए यह खबर बेहद गंभीर है।
भारत का LNG आयात पैटर्न:
कतर: ~47%,
UAE: ~24%,
अमेरिका: ~11%,
बाकी: ओमान, नाइजीरिया, अंगोला,
भारत हर साल करीब 27 मिलियन टन LNG आयात करता है इसमें से 12-13 मिलियन टन कतर से आता है
इसका मतलब: कतर में उत्पादन बंद = भारत की सप्लाई पर सीधा असर, सस्ती गैस महंगी हो सकती है, LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने का खतरा,

होर्मुज जलडमरूमध्य बना संकट का केंद्र
स्थिति और गंभीर इसलिए है क्योंकि:
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा हुआ है,
कई भारतीय गैस टैंकर फंसे हुए हैं,
सप्लाई चेन पहले से प्रभावित है,
अगर यह रास्ता लंबे समय तक बाधित रहा, तो: भारत को महंगे विकल्पों की ओर जाना पड़ेगा

क्या भारत में गैस संकट आने वाला है?
हालांकि सरकार का कहना है: “देश में गैस की कोई कमी नहीं है”
लेकिन जमीनी स्थिति: कई जगह LPG सिलेंडर के लिए लंबी कतारें, सप्लाई में देरी, बाजार में अनिश्चितता,
संभावित असर: LPG सिलेंडर महंगे, घरेलू बजट पर दबाव, इंडस्ट्री में लागत बढ़ेगी,

कतर की प्रतिक्रिया
हमले के बाद: सभी कर्मचारियों को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया, आग पर काबू पा लिया गया, कतर ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया, ईरानी अधिकारियों को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश,

वैश्विक स्तर पर क्या होगा आगे?
विशेषज्ञों के अनुसार:
ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर अब युद्ध का नया टारगेट,
सप्लाई चेन में लंबी बाधा संभव,
दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है,

कतर की गैस फैसिलिटी पर हमला सिर्फ एक क्षेत्रीय घटना नहीं है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा संकट की शुरुआत का संकेत हो सकता है।
अगर हमले जारी रहे:
LNG बाजार अस्थिर होगा,
भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भारी दबाव पड़ेगा,
आम आदमी की जेब पर सीधा असर दिखेगा,

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