ईरान में मातम: लाडली बेटियों का जनाज़ा

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दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में 160 से अधिक स्कूली छात्राओं और स्टाफ की मौत के बाद मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि यह हमला अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान हुआ। हालांकि अमेरिका ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है और कहा है कि वह मामले की जांच कर रहा है।
स्कूल पर तीन मिसाइलें दागी गईं
ईरान के अधिकारियों के अनुसार यह हमला शनिवार सुबह हुआ, जब स्कूल में छात्राएं मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि स्कूल पर तीन मिसाइलें दागी गईं, जिससे पूरा परिसर तबाह हो गया।
यह स्कूल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक सैन्य अड्डे से लगभग 600 मीटर दूर स्थित था। इसी वजह से आशंका जताई जा रही है कि हमला उस सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर किया गया था, लेकिन इसकी चपेट में स्कूल आ गया।
मिनाब की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
मंगलवार को मिनाब शहर का दृश्य बेहद भावुक और हृदयविदारक था।
सफेद कफन में लिपटे 160 से अधिक छोटे-छोटे ताबूत,
रोती-बिलखती माताएं,
ताबूतों से लिपटकर सिसकते पिता,
काले कपड़ों में हजारों लोग,
पूरे शहर में मातम पसरा हुआ था। बाजार बंद रहे और लोगों ने काली पट्टियां बांधकर विरोध दर्ज कराया।
ईरानी दूतावास का भावुक संदेश
ऑस्ट्रिया में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 160 कब्रों की तस्वीर साझा की और बेहद भावुक शब्दों में दुनिया को झकझोरने वाला संदेश लिखा।
दूतावास ने लिखा:“वे छोटी लड़कियां थीं जिनके छोटे-छोटे सपने थे। वे रंग भरने वाली किताबों में इंद्रधनुष बनाती थीं और मासूम गाने गाती थीं। उनकी दुनिया रोशनी से भरी थी, लेकिन अब वे कब्र की ठंडी खामोशी में सो रही हैं।”
ईरान ने अमेरिका और इज़रायल को ठहराया जिम्मेदार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि: इस हमले में 160 से अधिक स्कूली बच्चियां मारी गईं, उनके शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, यह हमला अमेरिका-इज़रायल की बमबारी का नतीजा है, उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि “जिस मदद का वादा किया गया था, उसकी सच्चाई इन कब्रों में दिखाई दे रही है।”
अमेरिका और इज़रायल की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि वह इस हमले की खबरों की जांच कर रहा है। वहीं इज़रायली सेना ने दावा किया है कि उसे उस इलाके में किसी सैन्य कार्रवाई की जानकारी नहीं है।
ईरान-इज़रायल संघर्ष में बढ़ता मौत का आंकड़ा
ईरान रेड क्रिसेंट के अनुसार, अमेरिका और इज़रायल के हमलों में अब तक 787 लोगों की मौत हो चुकी है।
जंग के चौथे दिन भी: तेहरान और अन्य शहरों में हमले जारी हैं, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर हमला किया, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने नतांज परमाणु केंद्र पर हमले की पुष्टि की, लेकिन रेडिएशन लीक से इनकार किया है।
दुनिया भर में गुस्सा और शोक
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोग इस हमले को मानवता के खिलाफ अपराध बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्कूल को जानबूझकर निशाना बनाया गया है, तो यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन हो सकता है।
मिनाब शहर की सड़कों पर निकले 160 नन्हे जनाजे केवल ईरान के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक दर्दनाक याद बन गए हैं। ये मासूम बच्चियां, जिनके हाथों में किताबें और सपने होने चाहिए थे, अब इतिहास की एक दुखद कहानी बन चुकी हैं।






