गाजियाबाद में भीषण अग्निकांड: कबाड़ गोदाम से झुग्गियों तक फैली आग

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गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मास्टर फार्म के सामने अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
सूखी घास से भड़की आग, हवा ने बढ़ाई रफ्तार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत सूखी घास में लगी छोटी आग से हुई थी। लेकिन तेज हवाओं के चलते यह आग तेजी से फैलती चली गई और पास में मौजूद कबाड़ के गोदाम तक पहुंच गई। गोदाम में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग ने और भी भयानक रूप ले लिया।
कबाड़ गोदाम बना आग का केंद्र
गोदाम मालिक रिजवान और अनीस द्वारा किराए पर ली गई जमीन पर कबाड़ का बड़ा स्टॉक रखा गया था। प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्री ने आग को और भड़का दिया। आग इतनी तीव्र थी कि टीन की छत तक पिघलने लगी और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।
सिलेंडर धमाकों से दहला इलाका
आग के फैलने के साथ ही झुग्गियों में रखे गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे। जोरदार धमाकों से पूरा इलाका कांप उठा। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इस भीषण अग्निकांड में 500 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर हो गए।
दमकल की टीमों ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। साहिबाबाद, वैशाली, गाजियाबाद और मुरादनगर से अतिरिक्त फायर ब्रिगेड बुलाई गई। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि कबाड़ के ढेर में दबी आग को बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
लखनऊ में भी दर्दनाक हादसा
इसी बीच लखनऊ के विकासनगर इलाके में भी एक भीषण आग ने तबाही मचा दी। गैस सिलेंडर फटने से लगी इस आग में दो मासूम बच्चों की जलकर मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक परिवार बेघर हो गए। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं और 10 से ज्यादा सिलेंडर धमाकों से इलाका दहल उठा।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के घरों को खाली कराया और बिजली सप्लाई बंद कर दी। घायलों का इलाज जारी है, वहीं पशु कल्याण विभाग द्वारा घायल जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
जांच में जुटा प्रशासन
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मामले की गहन जांच कर रही हैं। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
गाजियाबाद और लखनऊ की ये घटनाएं एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। तेजी से फैलती आग, ज्वलनशील सामग्री और सुरक्षा उपायों की कमी ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है।



