टनकपुर हाईवे पर बड़ा हादसा टला: तालाब में गिरी कार

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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां टनकपुर हाईवे पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जानकारी के अनुसार, काशीराम बारातघर के पास करीब सुबह 10 बजे एक कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित गहरे तालाब में जा गिरी। बताया जा रहा है कि चालक शुभम तिवारी (30) एक बच्चे को बचाने की कोशिश में वाहन पर नियंत्रण खो बैठे, जिसके बाद कार सीधे पानी में समा गई।

कुछ ही पलों में कार करीब 50 फुट अंदर तक चली गई और धीरे-धीरे डूबने लगी। इस दौरान कार का दरवाजा जाम हो गया, जिससे चालक अंदर ही फंस गया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और हर गुजरते सेकंड के साथ खतरा बढ़ता जा रहा था।

बहादुरी की मिसाल बने दो युवक

इस संकट की घड़ी में दो युवकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। तालाब में नाव से मछली पकड़ रहे फैसल और वहां से गुजर रहे दिनेश कुशवाहा ने बिना एक पल गंवाए तालाब में छलांग लगा दी। गहरे पानी और डूबती कार के बीच उन्होंने करीब 20 मिनट तक संघर्ष करते हुए कार का दरवाजा खोला और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। इन दोनों युवकों की बहादुरी ने एक जिंदगी बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की है।

 

मौके पर पहुंचा प्रशासन, कार निकाली गई बाहर

घटना की सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर, सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी समेत पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। दमकल विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से रस्सियों और ट्रैक्टर के सहारे कार को तालाब से बाहर निकाला। वहीं घायल चालक शुभम को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

हादसे के बाद हाईवे पर जाम, लोगों की भीड़

इस हादसे के बाद टनकपुर हाईवे पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग घटना को देखने के लिए रुकते गए, जिससे करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को सामान्य किया।

स्थानीय लोगों की मांग: बने बाउंड्रीवॉल

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तालाब के चारों ओर बाउंड्रीवॉल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह रास्ता बेहद संकरा है और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, जिससे आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों ने जल्द से जल्द सुरक्षा उपाय लागू करने की अपील की है।

इंसानियत और साहस की मिसाल

यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि इंसानियत, हिम्मत और त्वरित निर्णय की मिसाल बनकर सामने आई है। जहां एक तरफ एक छोटी सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता था, वहीं दूसरी ओर दो युवकों की बहादुरी ने एक परिवार को टूटने से बचा लिया।

 

 

 

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