वॉशिंगटन में ‘सोने के टॉयलेट वाला सिंहासन’: ट्रंप के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन

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अमेरिका की राजधानी Washington, D.C. में 30 मार्च को एक बेहद अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। National Mall स्थित Lincoln Memorial के पास एक विवादित मूर्ति स्थापित की गई, जिसने पूरे देश और दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
‘A Throne Fit for a King’—सिंहासन या व्यंग्य?
इस आर्ट इंस्टॉलेशन में एक सोने जैसा चमकदार सिंहासन दिखाया गया है, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसकी सीट की जगह एक गोल्डन टॉयलेट सीट लगाई गई है।
इस पर लिखा है—“A Throne Fit for a King” (एक राजा के लायक सिंहासन)। यह मूर्ति सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर तंज कसती नजर आती है और उनके शासन को “राजशाही शैली” से जोड़कर आलोचना करती है।
टॉयलेट पेपर पर ‘The Secret Handshake’
मूर्ति के पास एक टॉयलेट पेपर भी लगाया गया है, जिस पर “The Secret Handshake” लिखा हुआ है। इसे राजनीतिक व्यंग्य के रूप में देखा जा रहा है, जो सत्ता के अंदरूनी रिश्तों और फैसलों पर सवाल खड़ा करता है।
व्हाइट हाउस रेनोवेशन बना विवाद की वजह
बताया जा रहा है कि यह मूर्ति White House में चल रहे बड़े पैमाने के रेनोवेशन का विरोध करने के लिए बनाई गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार: लिंकन बेडरूम के पास के बाथरूम को गोल्डन थीम में बदला जा रहा है, ओवल ऑफिस में गोल्ड प्लेटिंग का काम, ईस्ट विंग को तोड़कर बड़ा बॉलरूम बनाने की योजना, इन बदलावों को लेकर विरोधी समूहों का कहना है कि देश के संवेदनशील मुद्दों के बीच इस तरह की सजावट प्राथमिकताओं पर सवाल उठाती है।
आलोचकों का आरोप—‘संकट के बीच सजावट’
इस इंस्टॉलेशन को लगाने वाले समूह का कहना है कि: “देश में विभाजन, संघर्ष और आर्थिक चुनौतियों के समय, राष्ट्रपति का ध्यान सजावट और भव्यता पर है।”
मूर्ति पर लिखा एक संदेश इस आलोचना को और स्पष्ट करता है: “उन्होंने नीचे देखा, समस्या देखी और उसे सोने का रंग दे दिया।”
व्हाइट हाउस की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद White House की ओर से बयान सामने आया।
प्रवक्ता डेविस इंगल ने कहा कि:
राष्ट्रपति देश और राजधानी को सुंदर बनाने के लिए काम कर रहे हैं,
वे अमेरिकी जनता के लिए अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं,
वैश्विक राजनीति में ट्रंप फिर चर्चा में
Donald Trump पहले ही टैरिफ नीति, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और मध्य पूर्व से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहे हैं। अब यह नया विवाद उनकी छवि और नीतियों पर एक अलग तरह की बहस को जन्म दे रहा है।
वॉशिंगटन में लगा यह “गोल्डन टॉयलेट सिंहासन” केवल एक कला नहीं, बल्कि एक सशक्त राजनीतिक संदेश है। यह दर्शाता है कि आज के दौर में विरोध सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि कला और प्रतीकों के जरिए भी अपनी बात रखी जा रही है।




