हिंदू नववर्ष 2026: ब्रह्म मुहूर्त में करें ये 5 शुभ काम

ब्रह्म मुहूर्त में करें ये 5 शुभ काम
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हिंदू धर्म में नववर्ष को नव संवत्सर कहा जाता है, जिसकी शुरुआत हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। वर्ष 2026 में हिंदू नववर्ष 19 मार्च, गुरुवार से प्रारंभ हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी।
इस दिन से चैत्र नवरात्रि भी शुरू होती है, जो शक्ति उपासना का विशेष पर्व है। इस वर्ष विक्रम संवत 2083 (रौद्र संवत्सर) का आरंभ होगा और इसके राजा गुरु बृहस्पति माने जाएंगे।

ब्रह्म मुहूर्त का महत्व
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त (सुबह लगभग 4:00 बजे से 5:30 बजे के बीच) का समय अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। इस समय किया गया ध्यान, पूजा और संकल्प जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और सफलता प्रदान करता है।

नववर्ष के पहले दिन करें ये 5 शुभ काम
1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और पूजा : सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान गणेश, माता दुर्गा और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें। मान्यता है कि इस समय की गई प्रार्थना शीघ्र फल देती है।
2. मंत्र जाप और ध्यान : गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे मन शांत रहता है और पूरे वर्ष सकारात्मक सोच बनी रहती है।
3. कराग्रे वसते लक्ष्मी मंत्र का जाप :  सुबह उठते ही अपनी हथेलियों को देखकर यह मंत्र बोलें: "कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमूले सरस्वती, करमूले तू गोविंदा, प्रभाते कर दर्शनम्" इससे देवी लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
4. घर की सफाई और सजावट : नववर्ष के दिन घर की साफ-सफाई करें। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और आम के पत्तों या फूलों का तोरण लगाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
5. नए संकल्प और दान-पुण्य : नए साल की शुरुआत अच्छे संकल्पों से करें। जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या अनाज का दान करें। यह पूरे साल सुख-समृद्धि और पुण्य फल प्रदान करता है।

नववर्ष के दिन क्या न करें?
तामसिक भोजन से बचें,
क्रोध और विवाद से दूर रहें,
किसी का अपमान न करें,
उधार लेने-देने से बचें,

नई शुरुआत का प्रतीक है नववर्ष
हिंदू नववर्ष केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और बेहतर भविष्य की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लिए गए संकल्प और किए गए शुभ कार्य पूरे साल आपके जीवन को दिशा देते हैं।

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