गाजियाबाद में 14 वर्षीय किशोरी से छेड़खानी का आरोप: मां-बेटी ने थाने के बाहर लगाई इंसाफ की गुहार

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Ghaziabad के कवि नगर इलाके से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक मां अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ न्याय की मांग को लेकर थाने के बाहर खड़ी नजर आई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ एक दुकान पर छेड़खानी और बदसलूकी की कोशिश की गई, लेकिन शिकायत के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में गंभीरता नहीं दिखाई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

 

दुकान पर बुलाकर गलत हरकत करने का आरोप
किशोरी के मुताबिक, वह सामान लेने एक दुकान पर गई थी। आरोप है कि वहां मौजूद बब्बल चौधरी नामक व्यक्ति ने उसे दुकान के अंदर बुलाया और उसके साथ कथित तौर पर गलत हरकत करने की कोशिश की। बच्ची ने किसी तरह खुद को बचाकर घर पहुंचकर पूरी घटना अपने परिवार को बताई। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली।

 

धमकी देने का भी आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि जब उन्होंने इस मामले का विरोध किया, तो प्रशांत चौधरी नामक व्यक्ति ने उन्हें धमकाया और जान से मारने की बात कही। मां का आरोप है कि वे कई घंटों तक कवि नगर पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी रहीं, लेकिन उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। वीडियो में महिला भावुक होकर सीधे Yogi Adityanath से बेटी को न्याय दिलाने की अपील करती दिखाई दे रही हैं।

 

सोशल मीडिया पर लोगों में आक्रोश
यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जाहिर की। कई यूजर्स ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों ने भी निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

 

FIR दर्ज होने और कार्रवाई शुरू होने की जानकारी
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस की ओर से FIR दर्ज किए जाने और आरोपियों की पहचान सार्वजनिक होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि ACP स्तर के अधिकारी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं और गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हालांकि, पीड़ित परिवार अब भी निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।

 

कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय पर कार्रवाई होती, तो पीड़ित परिवार को कैमरे के सामने आकर इंसाफ की गुहार नहीं लगानी पड़ती। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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