प्रयागराज में भीषण हादसा: अमोनिया टैंक ब्लास्ट से कोल्ड स्टोरेज ढहा

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में सोमवार को एक भयावह हादसा हो गया। अमोनिया गैस टैंक में हुए जोरदार विस्फोट के कारण पूरी इमारत भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में अब तक 4 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 17 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज एसआरएन अस्पताल में जारी है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
पूर्व मंत्री समेत 12 लोगों पर हत्या का केस दर्ज
हादसे के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए कोल्ड स्टोरेज के मालिक और समाजवादी पार्टी सरकार में रहे पूर्व मंत्री अंसार अहमद, उनके भतीजे और मैनेजर उस्मान समेत 12 नामजद और 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या BNS 103 (IPC 302) सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
नामजद आरोपियों में शामिल: उस्मान (मैनेजर), असलम बाबा, मंजूर, अलाउद्दीन, जावेद, मोहम्मद इरफान, अन्य 5 अज्ञात, पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
हादसे की वजह: लापरवाही और मानकों की अनदेखी?
प्रारंभिक जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं:
मजदूरों को कोई सुरक्षा प्रशिक्षण नहीं दिया गया,
बिल्डिंग जर्जर स्थिति में थी,
तकनीकी देखरेख का अभाव,
क्षमता से ज्यादा सामान स्टोर किया गया,
सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी,
इन सब कारणों ने मिलकर इस हादसे को और भी भयावह बना दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, NDRF-SDRF मौके पर
हादसे के बाद मौके पर NDRF और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाला। दर्जनों जेसीबी मशीनों और बचाव कर्मियों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। 20 से अधिक मजदूर मलबे में दबे थे, अब तक 17 लोगों को बाहर निकाला गया, बचाव कार्य लगातार जारी है, अमोनिया गैस के रिसाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी काफी मुश्किलें आ रही हैं।
अमोनिया गैस का खौफ—सांस लेना हुआ मुश्किल
हादसे के बाद आसपास के इलाके में अमोनिया गैस का असर फैल गया।
लोगों को सांस लेने में दिक्कत,
कई लोग नाक-मुंह ढककर भागते नजर आए,
आसपास के गांवों में दहशत का माहौल,
प्रशासन और पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मौके पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार पहुंचे।
जांच के लिए कमेटी गठित,
24–48 घंटे में रिपोर्ट की उम्मीद,
दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश,
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का मुआवजा एलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख, घायलों को ₹50,000,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: मृतकों के परिवारों को ₹2-2 लाख, घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश,
बड़े सवाल: कौन जिम्मेदार?
यह हादसा कई अहम सवाल खड़े करता है:
क्या प्रशासन ने समय पर निरीक्षण किया था?
क्या लाइसेंस सिर्फ कागजों तक सीमित था?
मजदूरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?

