क्या सच में खत्म हो सकता है तेल: भारत के पास सिर्फ 10 दिन का तेल भंडार?

भारत के पास सिर्फ 10 दिन का तेल भंडार?

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भारत में तेल भंडार को लेकर एक बड़ी चर्चा उस समय शुरू हुई जब एक RTI के जवाब में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने खुलासा किया कि देश का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) केवल लगभग 9.5 दिनों की जरूरत को ही पूरा कर सकता है। यह जानकारी सामने आने के बाद देशभर में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

क्या सच में खत्म हो सकता है तेल?

विशेषज्ञों का कहना है कि इस खबर से घबराने की जरूरत नहीं है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल नियमित आयात (Import) के जरिए पूरा करता है। इसलिए अचानक देश में तेल खत्म होने की संभावना बेहद कम है।

रणनीतिक बनाम सामान्य तेल भंडार: समझें फर्क

रणनीतिक भंडार (SPR): आपात स्थिति (जैसे युद्ध, प्राकृतिक आपदा) के लिए सुरक्षित रखा जाता है,

सामान्य भंडार: रिफाइनरियों द्वारा रोजमर्रा के उपयोग के लिए रखा जाता है,

आसान शब्दों में:

SPR = इमरजेंसी बैकअप,

सामान्य भंडार = रोजमर्रा का स्टॉक,

 

 

मिडिल ईस्ट तनाव से क्यों बढ़ी चिंता?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन में अनिश्चितता के कारण यह चिंता और गहरी हो गई है। अगर आयात प्रभावित होता है, तो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह एक बड़ा जोखिम बन सकता है।

भारत में कहां रखा है तेल भंडार?

वर्तमान में भारत के पास तीन प्रमुख स्थानों पर रणनीतिक भंडार मौजूद हैं:

विशाखापत्तनम – 1.33 MMT,

मंगलुरु – 1.5 MMT,

पडूर – 2.5 MMT,

कुल क्षमता: 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (MMT)

सरकार ने क्या कहा?

सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि: ISPRL के पास लगभग 3.372 MMT कच्चा तेल उपलब्ध है, यह कुल क्षमता का लगभग 64% है, देश में कुल ऊर्जा (तेल + अन्य ईंधन) का स्टॉक 74 दिनों तक पर्याप्त है,

साथ ही सरकार ने कहा कि : पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है।

सरकार की भविष्य की तैयारी

सरकार ने रणनीतिक भंडार को बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं:

चंडीखोल (ओडिशा) – 4 MMT नई क्षमता,

पडूर (कर्नाटक) – 2.5 MMT विस्तार,

इससे भविष्य में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मजबूत होगी।

आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?

अगर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई प्रभावित होती है तो: पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं, महंगाई पर असर पड़ सकता है, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है।

क्या घबराने की जरूरत है?

नहीं।

क्योंकि: भारत के पास कुल मिलाकर 60–70 दिन का तेल स्टॉक है, देश दुनिया का बड़ा रिफाइनर और निर्यातक भी है, सप्लाई चेन मजबूत और सक्रिय है, सरकार ने भी साफ कहा है कि, भ्रामक खबरों से बचें और घबराएं नहीं।

RTI में सामने आया 9.5 दिनों का आंकड़ा केवल इमरजेंसी रिजर्व (SPR) से जुड़ा है, न कि पूरे देश के कुल तेल भंडार से। भारत के पास पर्याप्त स्टॉक और मजबूत सप्लाई सिस्टम मौजूद है, जिससे फिलहाल किसी संकट की आशंका नहीं है।

 

 

 

 

 

 

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