नागपुर के ‘जलसंवाद 2026’ में हंगामा: किसानों की नारेबाजी पर भड़के नितिन गडकरी
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं
पहले आप अपनी बात रखें
महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित ‘जलसंवाद 2026’ कार्यक्रम उस समय विवादों में आ गया, जब गोसीखुर्द परियोजना से प्रभावित किसानों ने कार्यक्रम के बीच विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद किसान मुआवज़ा, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर अपनी आवाज उठा रहे थे। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और कार्यक्रम में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
किसानों ने उठाए पुनर्वास और मुआवज़े के सवाल
प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप था कि गोसीखुर्द परियोजना से प्रभावित कई परिवारों को अब तक उचित मुआवज़ा और पुनर्वास नहीं मिला है। किसानों का कहना था कि वर्षों से वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। इसी नाराज़गी के चलते किसानों ने कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी शुरू कर दी।
नितिन गडकरी ने मंच से जताई नाराज़गी
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari जल संरक्षण और पानी बचाने के मुद्दों पर संबोधन दे रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने सवाल उठाने और नारे लगाने शुरू कर दिए। लगातार बढ़ते व्यवधान को देखकर गडकरी नाराज़ हो गए और उन्होंने मंच से ही प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि हंगामा नहीं रुका तो पुलिस को बुलाकर कार्रवाई करवाई जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो अब सोशल Media पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कार्यक्रम के दौरान हंगामा और गडकरी की तीखी प्रतिक्रिया साफ दिखाई दे रही है। इस मामले पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग किसानों के विरोध को जायज़ बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह का व्यवधान उचित नहीं था।
जल संकट और किसानों के मुद्दों पर आयोजित था सम्मेलन
बताया जा रहा है कि ‘जलसंवाद 2026’ विदर्भ क्षेत्र में जल संकट, सिंचाई व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन था। कार्यक्रम में पानी के संरक्षण और जल प्रबंधन पर चर्चा हो रही थी, लेकिन किसानों के विरोध प्रदर्शन ने पूरे आयोजन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।




