नोएडा में वेतन बढ़ोतरी की मांग पर बवाल: 50 हजार श्रमिक सड़कों पर

50 हजार श्रमिक सड़कों पर

Comments

No comments yet. Be the first!

उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार सुबह कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। न्यूनतम वेतन बढ़ाने और अन्य श्रमिक अधिकारों की मांग को लेकर हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र हो गया और शहर के कई औद्योगिक क्षेत्रों में फैल गया।

आगजनी और पथराव से बिगड़े हालात
प्रदर्शन के दौरान गुस्साए कर्मचारियों ने कई जगह पत्थरबाजी की और कंपनियों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हालात तब और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो जीप सहित करीब पांच वाहनों को आग के हवाले कर दिया। फेज-2 के होजरी कॉम्प्लेक्स और अन्य इलाकों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। नोएडा पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। वहीं, दिल्ली सीमा पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बैरिकेडिंग के साथ सख्त निगरानी रखी जा रही है।

ट्रैफिक जाम से जनता परेशान
प्रदर्शन का असर यातायात पर भी पड़ा। नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली को जोड़ने वाले मार्गों पर लंबा जाम लग गया। कई जगह लोग पैदल ही अपने गंतव्य तक पहुंचने को मजबूर दिखे, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें?
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए,
  • समय पर पूरा वेतन भुगतान सुनिश्चित हो,
  • समान कार्य के लिए समान वेतन,
  • ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान,
  • कार्य के घंटे निर्धारित हों,
  • ईपीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी की सुविधा,
  • साप्ताहिक अवकाश और सुरक्षित कार्यस्थल,
  • गिग व असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा,
  • छंटनी पर उचित मुआवजा और रोजगार सुरक्षा,

औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ता असंतोष
नोएडा के फेज-2, सेक्टर-63, ईकोटेक और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से श्रमिकों का असंतोष बढ़ रहा था। बताया जा रहा है कि करीब 50 हजार मजदूर इस आंदोलन में शामिल हैं और 500 से अधिक कंपनियों के कर्मचारी किसी न किसी रूप में इससे जुड़े हुए हैं।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि कई मांगों पर पहले ही सहमति बन चुकी है, लेकिन फिर भी प्रदर्शन जारी है।

कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती
नोएडा में जारी यह उग्र प्रदर्शन अब कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटे हैं, जबकि कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

नोएडा में श्रमिकों का यह उग्र आंदोलन न सिर्फ औद्योगिक व्यवस्था बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर असर डाल रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका प्रभाव अन्य राज्यों और औद्योगिक क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है।

खबरे और भी है...