ज्योति मौर्या–आलोक मौर्या विवाद में बड़ा मोड़: ढाई साल की कड़वाहट के बाद सुलह की ओर बढ़े रिश्ते

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उत्तर प्रदेश की चर्चित पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक मौर्या के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, दोनों ने आपसी सहमति से रिश्तों को सुधारने और नई शुरुआत करने का निर्णय लिया है।
आलोक मौर्या ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। साथ ही, दोनों पक्षों ने जिला अदालत प्रयागराज और हाईकोर्ट में चल रहे मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
क्या था पूरा विवाद?
यह विवाद वर्ष 2023 में उस समय सामने आया जब पति-पत्नी के बीच मतभेद सार्वजनिक हो गए। मामला इतना बढ़ गया कि जिला अदालत से लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया। आलोक मौर्या ने आरोप लगाया कि पीसीएस अधिकारी बनने के बाद ज्योति मौर्या ने उन्हें छोड़ दिया, उन्होंने पत्नी से गुजारा भत्ता दिलाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, वहीं, ज्योति मौर्या ने जिला अदालत में तलाक की अर्जी दी, दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया था।
पुरुष आयोग की मांग और सामाजिक बहस
इस विवाद के बाद आलोक मौर्या ने पुरुषों के अधिकारों की पैरवी करते हुए ‘पुरुष आयोग’ के गठन की मांग उठाई थी। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक से संपर्क किया था। इस प्रकरण ने समाज में पुरुष अधिकार बनाम महिला सशक्तिकरण की बहस को भी तेज कर दिया था।
अब क्या है मौजूदा स्थिति?
ज्योति मौर्या वर्तमान में गाजियाबाद/नोएडा में प्रशासनिक पद (एडीएम/एसडीएम) पर तैनात हैं, उनकी दोनों बेटियां उनके साथ रहकर पढ़ाई कर रही हैं, आलोक मौर्या पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत हैं, साथ ही, वे यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं,
बताया जा रहा है कि आलोक कई प्रतियोगी परीक्षाओं में इंटरव्यू तक पहुंच चुके हैं, हालांकि अंतिम चयन अभी नहीं हो पाया है।
सुलह पर विरोधाभासी बयान
जहां एक ओर आलोक मौर्या सुलह और साथ रहने की बात कर रहे हैं, वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ज्योति मौर्या की ओर से इन दावों का खंडन भी सामने आया है। ज्योति मौर्या के अनुसार तलाक का मामला अभी अंतिम चरण में है, सुलह की खबरों को कुछ रिपोर्ट्स में अफवाह बताया गया, आधिकारिक तौर पर दोनों पक्षों की ओर से स्पष्ट संयुक्त बयान अभी सामने नहीं आया |
नई शुरुआत या फिर विवाद जारी?
फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह जरूर है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत और समझौते के संकेत मिले हैं। यदि मुकदमे वापस लिए जाते हैं, तो यह मामला एक नए मोड़ पर पहुंच सकता है। यह मामला न सिर्फ एक पारिवारिक विवाद था, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापक चर्चा का विषय बना रहा।
ज्योति मौर्या और आलोक मौर्या का मामला इस बात का उदाहरण है कि व्यक्तिगत रिश्ते किस तरह सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह सुलह स्थायी साबित होगी या विवाद का कोई नया अध्याय सामने आएगा।



