भोपाल में MPPSC ‘SET’ या ‘सेंटिंग’?: कमला नेहरू स्कूल सेंटर पर खुली सील वाले प्रश्न पत्र से बवाल
Comments
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित MPPSC स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET) 2025 के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कमला नेहरू हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र पर करीब 150 अभ्यर्थियों को ऐसे प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाएं बांटे जाने का आरोप लगा है जिनकी सील पहले से खुली हुई थी। इतना ही नहीं, कई प्रश्न पुस्तिकाओं में पहले से टिक मार्क, रफ वर्क और किसी दूसरे परीक्षार्थी का नाम व रोल नंबर तक लिखा हुआ बताया जा रहा है।
इस घटना के सामने आने के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने परीक्षा केंद्र के बाहर प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के खिलाफ नारेबाजी की।
परीक्षा शुरू होने से पहले ही उठे सवाल
छात्रों के अनुसार परीक्षा दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक आयोजित होनी थी, लेकिन परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था के कारण यह करीब डेढ़ घंटे देर से शुरू हुई। इसी दौरान कई छात्रों को ऐसे प्रश्न पत्र दिए गए जो पहले से ही इस्तेमाल किए हुए लग रहे थे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ कॉपियों में पेन से टिक मार्क लगे थे, रफ वर्क किया गया था, किसी अन्य छात्र का नाम और रोल नंबर लिखा था, इन सबको देखकर छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।
छात्रा को मिला दूसरे विद्यार्थी का पेपर
एक छात्रा कोमल ने आरोप लगाया कि उसे जो प्रश्न पत्र मिला था, उस पर पहले से ही ‘चूड़ामणि’ नाम के छात्र का नाम और रोल नंबर लिखा हुआ था। छात्रा ने मीडिया को अपना पेपर दिखाते हुए कहा कि यह न तो उसका नाम है और न ही उसका रोल नंबर। इस घटना ने परीक्षा की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
सड़क पर उतरे छात्र, पुतला दहन
प्रश्न पत्रों में गड़बड़ी का मामला सामने आते ही अभ्यर्थियों ने परीक्षा रोक दी और कमला नेहरू स्कूल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए छात्रों ने सड़क पर उतरकर MPPSC के खिलाफ नारेबाजी की, आयोग का पुतला फूंका, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा।
MPPSC की सफाई – “पेपर लीक नहीं हुआ”
इस पूरे विवाद पर MPPSC के ओएसडी डॉ. आर. पंचभाई ने सफाई देते हुए कहा कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है। उनके अनुसार यह सिर्फ सीरियल नंबर के मिक्स-अप के कारण हुआ था। गलती सामने आने के बाद छात्रों को नई बुकलेट्स दी गईं, जिनका समय खराब हुआ, उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया, हालांकि, छात्र आयोग की इस सफाई से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं।
प्रदेश भर में 1.03 लाख उम्मीदवारों ने दी परीक्षा
इस वर्ष MPPSC SET परीक्षा के लिए पूरे मध्य प्रदेश में 309 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, करीब 1.03 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी, इंदौर में लगभग 75 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
उज्जैन में स्मार्टवॉच से नकल करते पकड़े गए छात्र
उधर उज्जैन में परीक्षा के दौरान 6 परीक्षार्थी स्मार्टवॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल करने की कोशिश करते हुए पकड़े गए। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के बावजूद इस तरह की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या निष्पक्ष परीक्षा अब सपना बन रही है?
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में राजधानी के प्रमुख परीक्षा केंद्र पर सील खुले प्रश्न पत्र मिलने का मामला सामने आना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। डिजिटल युग में भी यदि परीक्षा संस्थाएं प्रश्न पत्रों की गोपनीयता और प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं कर पा रही हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता है बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि : क्या सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी या फिर यह मामला भी सिर्फ जांच समिति तक सीमित रह जाएगा?







