होलिका दहन 2026: चंद्र ग्रहण और भद्रा के बीच सही तारीख को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन

अभी अभी347
🚚

फ्री होम डिलीवरी

₹0

विज्ञापन
चंद्र ग्रहण और भद्रा के बीच सही तारीख को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन

स्मार्टवॉच ऑफर

₹2,999

विज्ञापन

होली का पर्व नज़दीक आते ही देशभर में होलिका दहन की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होने वाला यह पर्व इस बार विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण चर्चा में है। कोई 2 मार्च 2026 को होलिका दहन की बात कर रहा है, तो कुछ विद्वान 3 मार्च को अधिक उपयुक्त मान रहे हैं।

आइए जानते हैं तिथि, मुहूर्त, भद्रा और चंद्र ग्रहण को ध्यान में रखते हुए होलिका दहन 2026 की सही और शास्त्रसम्मत तारीख क्या है।

फाल्गुन पूर्णिमा 2026 की तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार:
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026, शाम 5:18 बजे,
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 मार्च 2026, शाम 4:33 बजे,
2 मार्च को चतुर्दशी तिथि शाम 5:57 बजे तक रहेगी, उसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू होकर प्रदोष काल में प्रवेश करेगी।

2 मार्च को होलिका दहन: प्रदोष काल का शुभ संयोग
ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र के अनुसार, प्रदोष काल में होलिका दहन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस वर्ष 2 मार्च को शाम 6:22 बजे से रात 8:53 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान पूर्णिमा तिथि भी रहेगी, इसलिए यह समय शुभ माना जा रहा है।
लेकिन... भद्रा का साया!
ज्योतिषाचार्य पंडित वेद प्रकाश मिश्रा के अनुसार, 2 मार्च को शाम 5:18 बजे से भद्रा लग रही है। भद्रा के मुख काल में होलिका दहन वर्जित माना जाता है।
शास्त्रसम्मत विकल्प: भद्रा पूंछ काल में होलिका दहन, समय: रात 12:50 बजे से 2:02 बजे (2-3 मार्च की मध्य रात्रि)

🎧

हेडफोन्स सेल

₹1,499

विज्ञापन
📱

टैबलेट मेगा सेल

₹12,999

विज्ञापन

खबरे और भी है...

👔

फैशन कलेक्शन

₹799

विज्ञापन
🏠

होम अप्लायंसेस

₹15,999

विज्ञापन