ईरान का दावा: अमेरिकी F-15 और A-10 के बाद C-130 मालवाहक विमान भी मार गिराया

अमेरिकी F-15 और A-10 के बाद C-130 मालवाहक विमान भी मार गिराया

Comments

No comments yet. Be the first!

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक और बड़ा सैन्य दावा सामने आया है। ईरान ने कहा है कि उसने इस्फहान के दक्षिणी इलाके में अमेरिकी C-130 श्रेणी के मालवाहक विमान को निशाना बनाकर मार गिराया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विमान उस रेस्क्यू मिशन का हिस्सा था, जो पहले गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान के पायलट को बचाने के लिए चलाया जा रहा था।

ईरान का यह दावा ऐसे समय आया है, जब पहले ही अमेरिकी F-15 और A-10 विमानों को लेकर सैन्य तनाव चरम पर है। इस नए दावे ने पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात को और ज्यादा गंभीर बना दिया है।

फराज रेंजर्स ने कार्रवाई का दावा

फार्स न्यूज एजेंसी और ईरानी सैन्य सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई को ईरान की विशेष पुलिस कमांडो यूनिट “फराज रेंजर्स” ने अंजाम दिया। दावा किया गया कि यह मिशन एयरोस्पेस यूनिट, थल सेना, बासिज, लोकप्रिय इकाइयों और पुलिस कमांड के संयुक्त अभियान का हिस्सा था।

ईरानी पक्ष ने कहा कि इस्फहान के दक्षिण में दुश्मन की उड़ने वाली सैन्य मशीनों को निशाना बनाया गया, जिनमें एक C-130 सैन्य परिवहन विमान भी शामिल था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

क्या यह अमेरिकी पायलट को बचाने वाला मिशन था?

ईरान का दावा है कि गिराया गया C-130 विमान अमेरिकी पायलट को निकालने वाले मिशन में शामिल था। बताया जा रहा है कि इससे पहले ईरान ने एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान को निशाना बनाया था, जिसके बाद उसमें सवार दो क्रू मेंबर ईरानी इलाके में फंस गए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक पायलट पहले ही सुरक्षित निकल गया था, जबकि दूसरा कुछ समय तक लापता रहा। इसी लापता अमेरिकी एयरमैन को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अमेरिकी सेना, खुफिया एजेंसियों और स्पेशल फोर्सेज ने हाई-रिस्क ऑपरेशन शुरू किया था।

ईरान का कहना है कि इसी मिशन के दौरान अमेरिकी C-130 विमान उसकी फायरिंग रेंज में आ गया।

F-15 और A-10 के बाद C-130 पर भी ईरान का दावा

इससे पहले भी ईरान अमेरिकी हवाई ताकत को चुनौती देने वाले कई दावे कर चुका है। ईरान ने पहले कहा था कि उसने अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराया। इसके बाद उसने A-10 जैसे एयरक्राफ्ट पर भी कार्रवाई का दावा किया।

अब C-130 मालवाहक विमान को मार गिराने का दावा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि यह संघर्ष अब सिर्फ एयर स्ट्राइक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रेस्क्यू मिशन, स्पेशल ऑपरेशन और गहरी सैन्य घुसपैठ तक पहुंच चुका है।

दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और ड्रोन पर भी दावा

ईरानी सैन्य सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि इस पूरे ऑपरेशन के दौरान दो अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी नष्ट किए गए। इसके अलावा, ईरान ने उसी क्षेत्र में एक इजरायली ड्रोन को भी मार गिराने की बात कही है।

अगर ईरान के ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ अमेरिका-ईरान संघर्ष नहीं बल्कि एक बड़े क्षेत्रीय सैन्य टकराव का संकेत हो सकता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

अमेरिका ने क्या कहा?

अब तक अमेरिका ने अपने पायलट के सफल रेस्क्यू मिशन की पुष्टि तो की है, लेकिन C-130 विमान को मार गिराए जाने के ईरानी दावे पर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, यह मिशन बेहद जोखिम भरा था और इसमें दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर ऑपरेशन चलाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मिशन की सफलता का जिक्र करते हुए इसे बेहद साहसी अभियान बताया।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि क्या C-130 वास्तव में गिराया गया, या यह सिर्फ ईरानी दावे का हिस्सा है? जब तक अमेरिकी या स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय स्रोत इसकी पुष्टि नहीं करते, तब तक यह मामला पूरी तरह साफ नहीं माना जा सकता।

CIA और स्पेशल फोर्सेज की क्या रही भूमिका?

रिपोर्ट्स के अनुसार, लापता अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए जो मिशन चलाया गया, वह एक सामान्य सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू (CSAR) ऑपरेशन था। ऐसे मिशनों में स्पेशल फोर्सेज, हेलीकॉप्टर सपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, एयर कवर और खुफिया एजेंसियों की अहम भूमिका होती है।

बताया जा रहा है कि CIA ने भी पायलट की लोकेशन ट्रैक करने, संपर्क बनाए रखने और सुरक्षित निकासी की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही वजह है कि यह मिशन अब सिर्फ एक सैन्य रेस्क्यू नहीं बल्कि खुफिया और सैन्य ताकत के संयुक्त प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।

मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है

ईरान के इस नए दावे ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब एक नए और ज्यादा खतरनाक चरण में प्रवेश कर चुका है। यह सिर्फ हवाई हमला बनाम जवाबी हमला नहीं रहा, बल्कि अब इसमें रेस्क्यू ऑपरेशन, ड्रोन इंटरसेप्शन, हेलीकॉप्टर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और गुप्त सैन्य अभियान भी शामिल हो चुके हैं।

अगर दोनों देशों के बीच इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां जारी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर करने वाला बड़ा युद्ध भी बन सकता है।

ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी C-130 मालवाहक विमान, दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और अन्य उड़ने वाली सैन्य इकाइयों को इस्फहान में निशाना बनाया। दूसरी ओर, अमेरिका ने अपने लापता पायलट के सफल रेस्क्यू की पुष्टि की है, लेकिन C-130 को लेकर अब भी चुप्पी है।

यही वजह है कि यह घटना सिर्फ एक सैन्य अपडेट नहीं, बल्कि मध्य पूर्व में तेजी से बदलते युद्ध समीकरणों का बड़ा संकेत बन चुकी है।

खबरे और भी है...