लारिजानी के बाद ईरान को एक और बड़ा झटका: इजरायली हमले में IRGC प्रवक्ता मोहम्मद नैनी की मौत

इजरायली हमले में IRGC प्रवक्ता मोहम्मद नैनी की मौत

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मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान को एक और बड़ा झटका लगा है। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी की इजरायल-अमेरिका के हवाई हमले में मौत हो गई है।
IRGC ने आधिकारिक बयान जारी कर इसे “कायरतापूर्ण और आतंकी हमला” बताया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला तड़के किया गया, जिसमें नैनी को निशाना बनाया गया।

मौत से पहले दी थी कड़ी चेतावनी
नैनी ने अपनी मौत से पहले दिए बयान में साफ कहा था कि: ईरान की मिसाइल इंडस्ट्री “अपने उच्चतम स्तर” पर है, युद्ध के बावजूद मिसाइल उत्पादन लगातार जारी है, दुश्मनों पर “चौंकाने वाले हमले” जल्द होंगे, उन्होंने Benjamin Netanyahu के उस दावे का मजाक उड़ाया था, जिसमें कहा गया था कि ईरान अब यूरेनियम संवर्धन या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने में सक्षम नहीं है।

अमेरिका को भी दी खुली चुनौती
नैनी ने Donald Trump के उस बयान को भी खारिज किया था, जिसमें ईरान की नौसेना के खत्म होने की बात कही गई थी।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा: “अगर हिम्मत है तो अमेरिका अपने जहाज फारस की खाड़ी में भेजकर देखे।”

एक के बाद एक बड़े नेताओं की मौत
इससे पहले 17 मार्च 2026 को Ali Larijani की भी इजरायली हमले में मौत हो चुकी है। लारिजानी को ईरान का अस्थायी प्रमुख माना जा रहा था, उनकी मौत ने ईरान के नेतृत्व को बड़ा झटका दिया, अब नैनी की मौत ने सैन्य ढांचे को भी हिला दिया है,

कौन थे मोहम्मद नैनी?
IRGC के प्रवक्ता और जनसंपर्क उप-प्रमुख,
2024 में नियुक्ति (कमांडर: Hossein Salami),
ईरान-इराक युद्ध (1980-88) के अनुभवी सैनिक,
मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं पर सख्त बयान देने के लिए प्रसिद्ध,

इजरायल के हमले तेज, 130+ ठिकाने निशाने पर
इजरायल का दावा है कि उसने ईरान के 130 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला किया है, जिनमें शामिल हैं: बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, ड्रोन (UAV) बेस, एयर डिफेंस सिस्टम, इजरायल का कहना है कि ये हमले उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।

मिडिल ईस्ट में बढ़ता युद्ध संकट
जंग का 21वां दिन :  ईरान लगातार जवाबी हमलों की चेतावनी दे रहा, क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर असर डाल सकता है।

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