ईरान ने अमेरिका का 48 घंटे का युद्धविराम ठुकराया: F-15E विमान गिरने से बढ़ा तनाव

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पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका द्वारा भेजे गए 48 घंटे के युद्धविराम (Ceasefire) प्रस्ताव को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है। इसके साथ ही कूटनीतिक प्रयासों की विफलता के बाद अब सैन्य टकराव और तेज हो गया है।
कूटनीतिक प्रयास विफल, बढ़ा सैन्य संघर्ष
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने एक मध्यस्थ देश के जरिए यह प्रस्ताव भेजा था, लेकिन ईरान ने इसे “अत्यधिक मांगों वाला” बताते हुए अस्वीकार कर दिया।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि: दबाव में कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा, राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं होगा,
ईरान ने गिराया अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान
तनाव के बीच ईरान ने एक अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E Strike Eagle को मार गिराने का दावा किया है। यह विमान हवा से हवा और हवा से जमीन पर हमले करने में सक्षम है, इसमें आमतौर पर दो सदस्य (पायलट और वेपन सिस्टम ऑफिसर) होते हैं, अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि चालक दल के एक सदस्य को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
खुजेस्तान में खोज अभियान जारी
ईरान के सरकारी मीडिया ने एक नक्शा साझा किया है, जिसमें उस क्षेत्र को दिखाया गया है जहां पायलटों की खोज की जा रही है। यह इलाका तेहरान से लगभग 470 किमी दक्षिण में स्थित है, करुण नदी के पास हेलीकॉप्टर और विमान सर्च ऑपरेशन में लगे हैं,
हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
इजरायल ने बेरूत में शुरू किए हमले
इस संघर्ष का असर अब पूरे क्षेत्र में दिख रहा है। इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हमले शुरू कर दिए हैं, यह कार्रवाई हिजबुल्लाह द्वारा इजरायली सैनिकों पर हमलों की जिम्मेदारी लेने के बाद हुई, इससे क्षेत्रीय युद्ध की आशंका और बढ़ गई है।
ईरान का बयान – “पूरी ताकत से करेंगे रक्षा”
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा: देश अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है, अमेरिका और इजरायल के हमलों का जवाब दिया जाएगा |
विदेश मंत्री का अमेरिका पर हमला
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा:
क्या अमेरिका ईरान को “पाषाण युग” में ले जाना चाहता है?
वर्तमान स्थिति में तेल और गैस उत्पादन बड़ा मुद्दा है
होर्मुज स्ट्रेट खोलने से भी इनकार
ईरान ने साफ कर दिया है कि: अस्थायी युद्धविराम के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा, अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता, यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।
क्या कहता है मौजूदा हालात?
कूटनीति पूरी तरह विफल होती दिख रही है,
अमेरिका और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव बढ़ रहा है,
इजरायल-लेबनान मोर्चा खुलने से स्थिति और गंभीर,
वैश्विक तेल बाजार और व्यापार पर असर संभव,
पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। जहां एक ओर युद्धविराम की संभावनाएं खत्म होती दिख रही हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य गतिविधियों में तेजी आने से यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।








