वेनेजुएला में सत्ता का भूचाल: नोबेल पुरस्कार समर्पित करने का किया बड़ा ऐलान

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वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश में सत्ता समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिकी सेना की इस असाधारण कार्रवाई के बाद विपक्षी राजनीति भी नए मोड़ पर पहुंच गई है। इसी कड़ी में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साधने की कोशिशों में जुटी नजर आ रही हैं।
ट्रंप को नोबेल समर्पित करने का ऐलान
मचाडो ने हाल ही में फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में खुलकर कहा कि वह अपना नोबेल शांति पुरस्कार राष्ट्रपति ट्रंप को समर्पित करना चाहती हैं। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलने की जानकारी मिली, उन्होंने इसे ट्रंप को समर्पित करने का फैसला कर लिया था।
अमेरिका की कार्रवाई को बताया ऐतिहासिक
मचाडो ने 3 जनवरी को अमेरिका द्वारा की गई कार्रवाई को ऐतिहासिक बताते हुए कहा—
“इस दिन न्याय ने अत्याचार को हराया और यह दिन न केवल वेनेजुएला बल्कि पूरी मानवता के लिए यादगार रहेगा।”
उनका कहना है कि ट्रंप ने दुनिया को दिखा दिया कि वह अपने फैसलों पर कितने दृढ़ हैं।
ट्रंप के बयान से मचाडो को झटका
हालांकि, मचाडो की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें मचाडो को सत्ता सौंपने में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। ट्रंप के मुताबिक, मचाडो को न तो देश के भीतर पर्याप्त समर्थन हासिल है और न ही व्यापक सम्मान। इस बयान के बाद मचाडो की राजनीतिक स्थिति कमजोर होती दिखाई दी।
सत्ता की दावेदारी और ट्रंप पर निर्भरता
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद से मचाडो लगातार सत्ता की दावेदारी कर रही हैं और पहले ही कह चुकी हैं कि “ट्रंप के मुताबिक ही सब कुछ होगा।”
इस बीच नोबेल पुरस्कार समर्पित करने का उनका नया ऐलान ट्रंप को प्रभावित करने की एक और कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
नॉर्वे में मौजूद मचाडो, जल्द वापसी का दावा
फिलहाल मचाडो नोबेल पुरस्कार ग्रहण करने के लिए नॉर्वे में हैं और अब तक वेनेजुएला नहीं लौटी हैं। उन्होंने कहा है कि वह जल्द अपने देश लौटेंगी। उनके इस बदले रुख को वेनेजुएला की सत्ता राजनीति में अमेरिका और ट्रंप को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
अंतरिम राष्ट्रपति और आगे का सवाल
गौरतलब है कि मादुरो की गिरफ्तारी के बाद डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है, जबकि ट्रंप ने कहा है कि नई सरकार बनने तक अमेरिका सत्ता का संचालन करेगा। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि वेनेजुएला की नई सरकार की कमान आखिर किसके हाथ में होगी।







