भारतीय रेलवे का नया अध्याय: ग्रीन रेल ट्रांसपोर्ट की दिशा में ऐतिहासिक कदम

भारतीय रेलवे ने पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का ट्रायल रन शुरू कर दिया है। यह ट्रेन चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार की गई है और इसका परीक्षण हरियाणा के जींद–सोनीपत (करीब 90 किमी) रूट पर किया जा रहा है।
नॉर्दर्न रेलवे के अनुसार, रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) द्वारा ट्रेन के ऑसिलेशन टेस्ट, इमरजेंसी ब्रेक डिस्टेंस और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। ट्रायल सफल रहने पर यह ट्रेन भारत के ग्रीन मोबिलिटी मिशन में मील का पत्थर साबित होगी।
दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन
यह ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी और शक्तिशाली ब्रॉड गेज हाइड्रोजन ट्रेन मानी जा रही है। इसमें
2 ड्राइविंग पावर कार (प्रत्येक 1200 kW), 8 पैसेंजर कोच, शामिल हैं, जिससे कुल क्षमता 2400 kW हो जाती है। यह ट्रेन एक साथ 2,500 से अधिक यात्रियों को ले जाने में सक्षम है।
ट्रेन की अधिकतम स्पीड 140–150 किमी/घंटा है, हालांकि शुरुआती ऑपरेशन में इसे 110–140 किमी/घंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा। इससे जींद से सोनीपत का सफर महज एक घंटे में पूरा हो सकेगा, जो डीजल ट्रेनों के मुकाबले आधा समय है।







