देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: भीषण धमाके से दहला टोंककला
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मध्य प्रदेश के Dewas जिले के टोंककला क्षेत्र में गुरुवार सुबह हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। एबी रोड के पास स्थित एक कथित पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री में आग लग गई और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों की दीवारें तक हिल गईं और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
3 से 5 मजदूरों की मौत, कई गंभीर रूप से झुलसे
हादसे में अब तक तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच बताई जा रही है। मृतकों में धीरज, सनी और सुमित नाम के मजदूर शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों को जिला अस्पताल, अमलतास अस्पताल और इंदौर के चोइथराम अस्पताल रेफर किया गया है।
धमाका इतना भीषण कि उड़ गए शवों के टुकड़े
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ब्लास्ट की तीव्रता बेहद भयावह थी। धमाके के बाद शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे और सड़क तक मांस के लोथड़े दिखाई दिए। फैक्ट्री के आसपास धुएं का गुबार छा गया और पूरे इलाके में दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि घटना के समय फैक्ट्री में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं।
बिहार और उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे मजदूर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में काम करने वाले कई मजदूर बिहार के अररिया जिले और उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। हादसे के बाद कई परिवारों का संपर्क अपने परिजनों से टूट गया है। प्रशासन लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है और मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
अवैध पटाखा निर्माण की आशंका, जांच शुरू
स्थानीय लोगों का दावा है कि फैक्ट्री में अवैध तरीके से पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जिला प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं कि फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था या नहीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
मुख्यमंत्री ने दिए जांच और मुआवजे के आदेश
मध्य प्रदेश सरकार ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। साथ ही उपमुख्यमंत्री, गृह विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
घटना के तुरंत बाद पुलिस, प्रशासन, दमकल और राहत-बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन ने आसपास के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर अवैध फैक्ट्रियों और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पहले भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
घटना के बाद सोशल Media पर लोगों ने प्रशासन और फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ नाराजगी जताई है। लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई और अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर तुरंत रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

