IPS पर रेप और धमकी के गंभीर आरोप: किशन सहाय मीणा बोले- ‘यह मेरे खिलाफ साजिश’

किशन सहाय मीणा बोले- ‘यह मेरे खिलाफ साजिश’
प्रतिक्रियाएँ
Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

7 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Priya Iyer

Priya Iyer

10 घंटे पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

13 घंटे पहले

Yeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.

CommentsReactionsFeedback

राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ IPS अधिकारी और वर्तमान में IG (मानवाधिकार) पद पर तैनात किशन सहाय मीणा एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। जयपुर के मालवीय नगर थाने में उनके खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर आरोपों में FIR दर्ज की गई है। शिकायत एक 53 वर्षीय महिला की ओर से कोर्ट के जरिए इस्तगासे के माध्यम से दर्ज कराई गई है। मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी बहस शुरू हो गई है।

 

महिला का आरोप- शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म
पीड़िता ने FIR में आरोप लगाया है कि किशन सहाय मीणा ने उन्हें शादी का भरोसा देकर अपने सरकारी आवास पर बुलाया। वहां उनके साथ जबरदस्ती की गई। विरोध करने पर मारपीट करने और मोबाइल छीनकर धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं।
महिला का कहना है कि पिछले तीन महीनों से उन्हें वीडियो कॉल के जरिए धमकाया जा रहा था। डर और दबाव के कारण उन्होंने दूसरे राज्य से डाक के माध्यम से अपनी शिकायत भेजी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।

 

किशन सहाय मीणा का पक्ष- “यह एक सोची-समझी साजिश”
इन गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए IPS किशन सहाय मीणा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से वैज्ञानिक सोच, तर्कवाद और अंधविश्वास के खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनकी व्हाट्सएप चैट्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका दावा है कि यह मामला उन्हें बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है।

 

राजस्थान सरकार ने किया APO
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने किशन सहाय मीणा को उनके वर्तमान पद से हटाकर APO (Awaiting Posting Order) कर दिया है। मामले की जांच एडिशनल SP जिज्ञासा शर्मा को सौंपी गई है। पुलिस अब पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

 

धार्मिक और अंधविश्वास विरोधी बयानों से भी रहे चर्चा में
किशन सहाय मीणा पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने प्रेमानंद महाराज और धीरेंद्र शास्त्री जैसे धार्मिक व्यक्तित्वों को अंधविश्वास फैलाने वाला बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि भगवान, अल्लाह और वाहेगुरु जैसी अवधारणाएं काल्पनिक हैं और समाज को वैज्ञानिक सोच की ओर बढ़ना चाहिए। इन बयानों के बाद सोशल Media पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं।

 

पहले भी हो चुके हैं सस्पेंड
किशन सहाय मीणा का प्रशासनिक रिकॉर्ड भी विवादों से अछूता नहीं रहा है। झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी से बिना सूचना लौटने पर चुनाव आयोग की सख्ती के बाद उन्हें सस्पेंड किया गया था। हालांकि बाद में वे सेवा में बहाल हुए और IG स्तर तक पहुंचे।

 

कौन हैं IPS किशन सहाय मीणा?
किशन सहाय मीणा राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस सेवा की शुरुआत RPS अधिकारी के रूप में की थी और बाद में वर्ष 2013 में IPS पद पर प्रमोट हुए। वे CID, RAC, जेल विभाग और मानवाधिकार शाखा सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर कार्य कर चुके हैं।
वर्तमान में वे राजस्थान पुलिस मुख्यालय जयपुर में IG मानवाधिकार के पद पर तैनात थे।

 

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
यह मामला अब केवल एक आपराधिक शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इससे सामाजिक, राजनीतिक और वैचारिक बहस भी जुड़ गई है। एक ओर महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी ओर अधिकारी इसे अपने खिलाफ साजिश बता रहे हैं।
ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया ही सच्चाई तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता मानी जा रही है। बिना जांच किसी को दोषी या निर्दोष ठहराना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ होगा।

प्रतिक्रियाएँ
Pranav Srivastava

Pranav Srivastava

7 घंटे पहले

Yeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.

Priya Iyer

Priya Iyer

10 घंटे पहले

Peedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.

Shruti Bajpai

Shruti Bajpai

13 घंटे पहले

Yeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...