तमिलनाडु में सीटों पर सियासी संग्राम: क्या विजय की TVK बनेगी नया विकल्प?

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तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ डीएमके और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर सीटों का बंटवारा अब तनाव का कारण बनता जा रहा है। कांग्रेस ने अपने आंतरिक सर्वे के आधार पर 40 सीटों का लक्ष्य तय किया था, लेकिन डीएमके ने उसे केवल 32 सीटों का ही ऑफर दिया है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने बाद में अपनी मांग में नरमी दिखाते हुए इसे 38 सीटों तक सीमित कर दिया, लेकिन मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके अपने रुख पर कायम है। इस खींचतान के बीच कांग्रेस नेतृत्व इसे केवल सीटों का नहीं, बल्कि सत्ता में हिस्सेदारी का सवाल मान रहा है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने साफ संकेत दिए हैं कि पार्टी सिर्फ चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जीत की स्थिति में सरकार में भागीदारी भी चाहती है। इसी राजनीतिक असंतोष के बीच कांग्रेस के भीतर नए विकल्पों पर चर्चा तेज हो गई है।
टीवीके से संभावित गठबंधन की चर्चा
रिपोर्ट्स के अनुसार, तमिलनाडु कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी को अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के साथ संभावित गठबंधन के लिए मनाने की कोशिश कर रहा है। TVK के प्रवक्ता फेलिक्स गेराल्ड ने दावा किया है कि विजय और राहुल गांधी अच्छे दोस्त हैं और कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना मजबूत है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों के कारण बातचीत में देरी हो सकती है।
TVK नेता निर्मल कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी गठबंधन पर अंतिम फैसला पार्टी प्रमुख विजय की सहमति के बाद ही लिया जाएगा।
भाजपा की भी बदली रणनीति
उधर, भाजपा भी तमिलनाडु में नई रणनीति पर काम कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालिया दौरे के दौरान पार्टी नेताओं को सिर्फ चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि जीत पर फोकस करने का निर्देश दिया है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा भी विजय की TVK के साथ गठबंधन की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रही है।
DMK-कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरी, TVK की एंट्री और भाजपा की सक्रियता ने तमिलनाडु की राजनीति को त्रिकोणीय संघर्ष की ओर धकेल दिया है। आने वाले हफ्तों में यह साफ हो जाएगा कि राज्य में किसका गठबंधन किस पर भारी पड़ेगा।



