वीडी सतीशन होंगे केरल के नए मुख्यमंत्री: 11 दिन बाद कांग्रेस ने खत्म किया सस्पेंस

11 दिन बाद कांग्रेस ने खत्म किया सस्पेंस
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Vihaan Patel

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Is maamle mein sarkari paksh kya hai?

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केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले 11 दिनों से जारी राजनीतिक खींचतान आखिरकार खत्म हो गई। कांग्रेस पार्टी ने वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। गुरुवार को कांग्रेस आलाकमान ने उनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई। इसके साथ ही लंबे समय से चल रही अटकलों और चर्चाओं पर विराम लग गया।
वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री चुने जाने के साथ ही यह भी साफ हो गया कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल मुख्यमंत्री की रेस में पीछे रह गए। पार्टी के भीतर दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच लगातार शक्ति प्रदर्शन और लॉबिंग देखने को मिल रही थी।

 

दिल्ली से तिरुअनंतपुरम तक चली बैठकों की लंबी श्रृंखला
मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें कीं। इस चर्चा में एआईसीसी महासचिव प्रभारी Deepa Dasmunsi, वरिष्ठ नेता Ajay Maken और Mukul Wasnik भी शामिल रहे।
इन नेताओं ने हाल ही में नवनिर्वाचित विधायकों से बातचीत कर उनकी राय जानी थी। वहीं, Rahul Gandhi ने भी खड़गे के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम रणनीति तैयार की।

 

चुनाव नतीजों के बाद बढ़ी थी अंदरूनी हलचल
केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे। कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF गठबंधन की बड़ी जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी में हलचल तेज हो गई थी। शुरुआत में वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के नाम चर्चा में थे, लेकिन बाद में मुकाबला सतीशन और वेणुगोपाल के बीच सिमट गया।
सूत्रों के अनुसार, कई विधायक केसी वेणुगोपाल के पक्ष में बताए जा रहे थे, लेकिन जनता के बीच लोकप्रियता और राज्य स्तर पर नेतृत्व क्षमता को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान ने आखिरकार वीडी सतीशन पर भरोसा जताया।

 

वीडी सतीशन के समर्थन में जनता की राय बनी अहम
कांग्रेस के भीतर यह तर्क भी दिया गया कि मुख्यमंत्री चुनने में सिर्फ विधायकों की पसंद ही नहीं, बल्कि जनता की राय भी अहम होनी चाहिए। वीडी सतीशन को जनता के बीच मजबूत और आक्रामक नेता माना जाता है। हालांकि, सीएम पद को लेकर सतीशन समर्थकों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों से राहुल गांधी समेत पार्टी नेतृत्व नाराज भी बताया गया। इसके बावजूद अंत में आलाकमान ने उन्हें ही जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया।

 

केसी वेणुगोपाल बनते तो उपचुनाव की नौबत आती
केसी वेणुगोपाल वर्तमान में लोकसभा सांसद हैं। यदि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता, तो उन्हें छह महीने के भीतर विधानसभा सदस्य बनना पड़ता। इसके लिए किसी विधायक को सीट खाली करनी पड़ती और अलपुझा लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी कराना पड़ता। इसके अलावा वेणुगोपाल अभी कांग्रेस संगठन में महासचिव की अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके मुख्यमंत्री बनने पर संगठन में बड़े बदलाव तय माने जा रहे थे।

 

कांग्रेस संगठन में बदलाव के संकेत
केरल में सरकार बनने के साथ ही कांग्रेस संगठन में भी बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। संगठन महासचिव पद के लिए अजय माकन का नाम भी सामने आ रहा है। पार्टी को बंगाल और असम में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि केरल कांग्रेस के लिए बड़ी राहत बनकर उभरा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में कांग्रेस संगठन और नेतृत्व स्तर पर कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

 

वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि पार्टी राज्य स्तर पर मजबूत जनाधार वाले चेहरे को आगे बढ़ाना चाहती है। यह फैसला केवल केरल की राजनीति ही नहीं, बल्कि कांग्रेस संगठन के भविष्य के लिए भी अहम माना जा रहा है।

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