पीएम मोदी की अपील की अनदेखी पड़ी भारी: भिंड में बीजेपी नेता के सैकड़ों गाड़ियों के काफिले पर एक्शन

Saanvi Pandey
3 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Ravi sinha
5 घंटे पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Saanvi Pandey
6 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Ayaan Khan
6 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Trapti Tanwar
8 घंटे पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
मध्य प्रदेश के भिंड में भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह यादव को सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ शक्ति प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया। भाजपा प्रदेश संगठन ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और सादगी अपनाने की अपील की अवहेलना मानते हुए बड़ा एक्शन लिया है। पार्टी ने सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त कर उन्हें पद से हटा दिया है।
ग्वालियर से भिंड तक निकला भारी काफिला
जानकारी के मुताबिक सज्जन सिंह यादव के स्वागत में ग्वालियर से भिंड तक 100 से अधिक वाहनों का काफिला निकाला गया। मालनपुर, गोहद चौराहा और मेहगांव समेत कई जगहों पर समर्थकों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान शहर में जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
काफिले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों ने भाजपा नेता की आलोचना शुरू कर दी। यूजर्स ने सवाल उठाए कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद ईंधन बचाने और सादगी अपनाने की अपील कर रहे हैं, तब नेताओं द्वारा इस तरह के शक्ति प्रदर्शन का क्या संदेश जाता है। कई लोगों ने इसे संसाधनों की बर्बादी और दिखावे की राजनीति बताया।
भाजपा संगठन ने लिया बड़ा फैसला
मामला बढ़ने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस पर संज्ञान लिया। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा द्वारा जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि सैकड़ों वाहनों की रैली निकालना पार्टी अनुशासन के खिलाफ है और यह प्रधानमंत्री की ऊर्जा बचत की अपील की अवहेलना है। इसी आधार पर सज्जन सिंह यादव को जिलाध्यक्ष पद से हटाने का निर्णय लिया गया।
बीजेपी नेताओं ने भी जताई नाराजगी
भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरवरिया ने भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री की अपील का पालन नहीं हुआ है तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता और नेता पीएम मोदी के संदेश का पालन कर रहे हैं और मामले में जवाब तलब किया जाएगा।
विपक्ष ने साधा भाजपा पर निशाना
इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी एक तरफ सादगी और ईंधन बचत की बात करती है, जबकि दूसरी ओर नेताओं के शक्ति प्रदर्शन पर दोहरे मापदंड अपनाए जाते हैं। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि भोपाल और शिवपुरी में बड़े काफिलों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
सादगी बनाम शक्ति प्रदर्शन की छिड़ी बहस
भिंड की यह घटना अब केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह नेताओं की कथनी और करनी के फर्क पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गई है। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि क्या संगठनात्मक अनुशासन सभी नेताओं पर समान रूप से लागू होता है या फिर अलग-अलग मामलों में अलग रवैया अपनाया जाता है।





