इंदौर वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस पार्षदों पर भड़के CM मोहन यादव

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Ram Bindal
Very informative!
इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाने से कांग्रेस पार्षदों द्वारा इनकार किए जाने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। नगर निगम की बैठक में कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम द्वारा राष्ट्रगीत गाने से मना करने का मामला अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। इस घटना को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्षदों ने राष्ट्रगीत का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि पार्षदों ने खुलेआम कहा कि वे वंदे मातरम नहीं गाएंगी। मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस के चरित्र से जोड़ते हुए कहा कि यह देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति उनकी मानसिकता को दर्शाता है।
राहुल गांधी और जीतू पटवारी से मांगा जवाब
सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस ऐसे लोगों को बढ़ावा दे रही है जो राष्ट्रगीत और भारत माता की जय बोलने से इनकार करते हैं।
राष्ट्रवाद के मुद्दे पर सियासी घमासान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत माता की जय बोलते हुए अपने प्राण न्योछावर किए थे। ऐसे में राष्ट्रगीत का अपमान देशभक्तों का अपमान है। भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रवाद और देश सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर हमलावर है।
चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक मुद्दा
विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल में भाजपा इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाकर कांग्रेस को घेरने की रणनीति अपना रही है। राष्ट्रगीत और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दे हमेशा जनता के बीच भावनात्मक असर रखते हैं, इसलिए यह विवाद आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है।
कांग्रेस की ओर से क्या होगा जवाब?
अब सबकी नजर कांग्रेस नेतृत्व पर टिकी है कि पार्टी इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है। क्या कांग्रेस पार्षदों पर कार्रवाई होगी या भाजपा के आरोपों का जवाब दिया जाएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।




