धर्म परिवर्तन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हिंदू, सिख, बौद्ध के अलावा धर्म अपनाते ही खत्म होगा SC दर्जा

हिंदू, सिख, बौद्ध के अलावा धर्म अपनाते ही खत्म होगा SC दर्जा

Comments

No comments yet. Be the first!

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम और स्पष्ट निर्णय में कहा है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म—जैसे ईसाई या इस्लाम—को अपनाता है, तो उसका अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा स्वतः समाप्त हो जाता है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 के तहत SC का दर्जा केवल इन तीन धर्मों तक सीमित है।

क्या कहता है 1950 का संवैधानिक आदेश?
Constitution (Scheduled Castes) Order, 1950 के खंड-3 के अनुसार: SC का दर्जा सिर्फ हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोगों को ही मिलता है, अन्य धर्म अपनाने पर यह दर्जा तुरंत खत्म हो जाता है, ऐसे व्यक्ति को आरक्षण, सरकारी योजनाओं और SC/ST एक्ट का लाभ नहीं मिल सकता,

क्या था पूरा मामला?
आंध्र प्रदेश के पित्तलवानीपालेम निवासी चिंथाडा आनंद ने खुद को SC बताते हुए SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कराई।
आरोप: मारपीट और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल,
आरोपी पक्ष ने कोर्ट में कहा कि शिकायतकर्ता ईसाई धर्म अपना चुका है और पादरी है,
यह भी बताया गया कि वह 10 साल से अधिक समय से चर्च से जुड़ा हुआ है,

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2025 को : FIR को रद्द कर दिया, कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति SC नहीं रह जाता,
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां: जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की बेंच ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और याचिका को खारिज कर दिया

SC/ST एक्ट का लाभ क्यों नहीं मिलेगा?
SC/ST Act के तहत सुरक्षा केवल उन्हीं को मिलती है जो SC वर्ग के सदस्य हों।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा: धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति SC वर्ग का हिस्सा नहीं रहता, इसलिए वह इस कानून के तहत कानूनी सुरक्षा का दावा नहीं कर सकता,

कोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र पर क्या कहा?
याचिकाकर्ता ने तहसीलदार द्वारा जारी SC प्रमाण पत्र का हवाला दिया था।
लेकिन कोर्ट ने साफ कहा: यह प्रमाण पत्र पहले ही रद्द हो जाना चाहिए था, धर्म परिवर्तन के बाद इसका कोई कानूनी महत्व नहीं है,

फैसले का व्यापक असर
यह फैसला उन मामलों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है जहां: दलित समुदाय के लोग धर्म परिवर्तन के बाद भी SC आरक्षण, सरकारी योजनाओं या कानूनी सुरक्षा का दावा करते हैं अब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि: धर्म बदलते ही SC का दर्जा और उससे जुड़े सभी अधिकार समाप्त हो जाते हैं

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला धर्म परिवर्तन और आरक्षण नीति के बीच संबंध को लेकर एक बड़ा कानूनी स्पष्टता प्रदान करता है। यह निर्णय भविष्य में ऐसे सभी मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बनेगा।

खबरे और भी है...