आस्था के नाम पर कथित वसूली: Varanasi Assi Ghat पर गंगा आरती के नाम पर वसूली का आरोप
Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Nidhi kumari
1 घंटे पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Harsh Pandya
2 घंटे पहलेYeh mamla sabke saath ho sakta hai, jaagrukata zaroori.
Ritika Ghosh
4 घंटे पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Shruti Bajpai
5 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
धार्मिक नगरी वाराणसी के प्रसिद्ध अस्सी घाट से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां गंगा आरती देखने पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों से कथित रूप से अवैध वसूली किए जाने के आरोप लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि वे दूर-दराज से आस्था और श्रद्धा के साथ यहां पहुंचते हैं, लेकिन आरती स्थल पर “कुर्सी” पर बैठने के नाम पर उनसे 200 से 300 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, वह भी बिना किसी रसीद के।
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब पैसे देने से मना करने पर श्रद्धालुओं के साथ अभद्र व्यवहार और धमकाने जैसी घटनाएं सामने आती हैं। “अगर पैसे नहीं हैं तो यहां से उठ जाओ” जैसी बातें सुनने को मिल रही हैं, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है।
वायरल वीडियो से खुला मामला
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब एक बुजुर्ग पर्यटक ने इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में कुछ लोग श्रद्धालुओं से पैसे मांगते और विरोध करने पर दुर्व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इसने प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है।
पुलिस एक्शन में: जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने तुरंत संज्ञान लिया है। ACP भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटकों के गंभीर आरोप
महाराष्ट्र से आए कुछ पर्यटकों ने आरोप लगाया कि उन्हें आरती देखने के लिए जबरन पैसे देने को कहा गया। यदि वे पैसे देने से इनकार करते हैं, तो उन्हें बैठने नहीं दिया जाता और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इस तरह की घटनाएं न केवल धार्मिक भावना को आहत करती हैं बल्कि पर्यटन पर भी नकारात्मक असर डालती हैं।
पहले भी उठते रहे हैं ऐसे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, घाटों पर इस तरह की अवैध वसूली कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई बार श्रद्धालुओं से आरती के नाम पर पैसे वसूलने की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन इस बार वीडियो वायरल होने से मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
धार्मिक छवि पर असर
गंगा आरती वाराणसी की पहचान और आस्था का प्रतीक है। ऐसे में इस प्रकार के आरोप शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक छवि को धूमिल कर सकते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि आस्था के नाम पर जबरन वसूली उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाती है और यह पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
सख्त कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि कुछ असामाजिक तत्व धार्मिक स्थलों का गलत फायदा उठा रहे हैं। अब जरूरत है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि श्रद्धालु बिना किसी डर और दबाव के गंगा आरती में शामिल हो सकें और वाराणसी की गरिमा बनी रहे।



