21वीं सदी में भी जातिवाद पर बड़ा खुलासा: ‘पंचायत’ फेम विनोद सूर्यवंशी का दर्दनाक खुलासा

‘पंचायत’ फेम विनोद सूर्यवंशी का दर्दनाक खुलासा
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Navya Nair

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भारत तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, लेकिन समाज के कुछ हिस्सों में आज भी जातिवाद जैसी कुरीतियां गहराई से मौजूद हैं। इसी मुद्दे पर ‘पंचायत’ वेब सीरीज में नए सचिव जी का किरदार निभाकर चर्चा में आए अभिनेता विनोद सूर्यवंशी ने बेहद भावुक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक स्थित उनके पैतृक गांव में आज भी जातिगत भेदभाव खुलेआम देखने को मिलता है।

गांव दो हिस्सों में बंटा, दलितों का इलाका अलग

विनोद सूर्यवंशी ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनके गांव में आज भी जाति के आधार पर दो अलग-अलग क्षेत्र बने हुए हैं। एक तरफ उच्च जाति के लोग रहते हैं, जबकि दूसरी तरफ दलित समुदाय के लोग। उन्होंने कहा कि दलितों का इलाका गांव से अलग-थलग रखा गया है, जो सामाजिक असमानता की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

मंदिर में आज भी नहीं मिलता प्रवेश

अभिनेता ने दावा किया कि गांव में आज भी एक ऐसा मंदिर है जहां उनके समुदाय के लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि पूजा सामग्री, तेल और नारियल मंदिर के बाहर देना पड़ता है, जिसके बाद पुजारी उसे अंदर ले जाकर चढ़ाते हैं। विनोद ने कहा कि जब वह अपने बच्चे का मुंडन कराने गए, तब भी उन्हें वही पुरानी व्यवस्था देखने को मिली।

 

 

बचपन की घटना ने झकझोर दिया

विनोद सूर्यवंशी ने अपने बचपन की एक घटना साझा करते हुए बताया कि जब वह अपने पिता के साथ गांव के एक होटल में खाना खाने गए थे, तब खाना खाने के बाद उन्हें अपनी प्लेटें खुद धोनी पड़ीं, जबकि खाने का पूरा बिल भी चुकाया गया था। यह अनुभव उनके मन पर गहरा असर छोड़ गया।

त्योहार खुशी नहीं, दर्द लेकर आते थे

विनोद ने बताया कि आर्थिक तंगी और सामाजिक भेदभाव के कारण उनके परिवार के लिए त्योहार खुशी नहीं, बल्कि दुख का कारण बन जाते थे। उन्होंने कहा कि कई बार उन्होंने अपने माता-पिता को त्योहारों के दौरान रोते देखा। परिवार इतने कठिन हालात में था कि अगर कोई कुछ मदद कर देता, तभी त्योहार मन पाता था।

संघर्षों से भरा रहा जीवन

अभिनेता बनने से पहले विनोद सूर्यवंशी ने कई छोटे-मोटे काम किए। उन्होंने लिफ्टमैन, ऑफिस बॉय और सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम किया। उन्होंने बताया कि 12 घंटे खड़े रहकर ड्यूटी करनी पड़ती थी और कई बार लोगों की बेइज्जती भी सहनी पड़ती थी।

इंडस्ट्री में भी झेला भेदभाव

विनोद ने यह भी खुलासा किया कि फिल्म इंडस्ट्री में भी उन्हें कई बार रंगभेद और बाहरी रूप-रंग के आधार पर रिजेक्ट किया गया। उन्होंने कहा कि कई बार चयन होने के बाद भी उन्हें हटा दिया गया।

पंचायत से मिली नई पहचान

विनोद सूर्यवंशी को अमेजन प्राइम वीडियो की सुपरहिट वेब सीरीज ‘पंचायत’ के तीसरे सीजन में नए सचिव जी की भूमिका से नई पहचान मिली। भले ही उनका रोल छोटा था, लेकिन दर्शकों ने उन्हें काफी पसंद किया।

समाज के लिए बड़ा सवाल

विनोद सूर्यवंशी की कहानी सिर्फ एक अभिनेता की निजी पीड़ा नहीं, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल है कि आखिर 21वीं सदी में भी जातिवाद जैसी सोच कब खत्म होगी।

 

 

 

 

 

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