BCI का ऐतिहासिक फैसला: साल में दो बार होगा एग्जाम

साल में दो बार होगा एग्जाम

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लॉ स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब यह परीक्षा साल में एक बार नहीं बल्कि दो बार आयोजित की जाएगी। इस फैसले से हजारों लॉ छात्रों को राहत मिलने वाली है, जो लंबे समय से इस बदलाव की मांग कर रहे थे।

फाइनल ईयर और फाइनल सेमेस्टर के छात्रों को मिली अनुमति
BCI ने पात्रता नियमों में भी अहम बदलाव किया है। अब LLB (3 वर्षीय या 5 वर्षीय) कोर्स के अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर में पढ़ रहे छात्र भी AIBE परीक्षा में शामिल हो सकेंगे, बशर्ते वे अपनी फाइनल परीक्षा पास कर लें।

सुप्रीम कोर्ट में BCI का बयान, याचिका का निपटारा
यह जानकारी BCI ने सुप्रीम कोर्ट को दी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ के समक्ष 2024 में दाखिल निलय राय एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान BCI ने बताया कि नए नियम बना लिए गए हैं। कोर्ट ने इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

AIBE 21 की तारीखें जारी, जानें पूरा शेड्यूल
इवेंट                                                   तारीख
रजिस्ट्रेशन शुरू                                  11 फरवरी 2026
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि        30 अप्रैल 2026
फीस जमा करने की अंतिम तिथि           1 मई 2026
करेक्शन विंडो बंद                              3 मई 2026
एडमिट कार्ड जारी                              22 मई 2026
परीक्षा तिथि                                       7 जून 2026
रिजल्ट                                             जल्द घोषित होगा

क्या है BCI Rules 2026?
BCI ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए BCI Rules 2026 लागू किए हैं। इन नियमों के तहत:
AIBE साल में कम से कम दो बार होगी,
फाइनल सेमेस्टर के छात्र परीक्षा दे सकेंगे,
डिग्री पास करना अनिवार्य रहेगा,
योग्यता से कोई समझौता नहीं किया गया है|

नए नियमों से लॉ स्टूडेंट्स को क्या होंगे फायदे
समय की बचत: एक साल का इंतजार खत्म
तनाव में कमी: दो मौके मिलने से दबाव कम
करियर की जल्दी शुरुआत: डिग्री के तुरंत बाद प्रैक्टिस
पढ़ाई के फ्लो में एग्जाम: बेहतर प्रदर्शन की संभावना

BCI का यह फैसला लॉ स्टूडेंट्स के प्रोफेशनल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह बदलाव न केवल समय बचाएगा बल्कि न्यायिक प्रणाली में युवाओं की भागीदारी को भी मजबूत करेगा।

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