सुल्तानपुर कथित गोकशी मामला: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का फूटा आक्रोश

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का फूटा आक्रोश

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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सामने आए कथित गोकशी मामले ने प्रदेशभर में बहस तेज कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इसे “हृदय विदारक” बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज और धार्मिक भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाती हैं।

वायरल वीडियो देखकर विचलित हुए शंकराचार्य
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन्होंने एक ऐसा वीडियो देखा, जिसमें कथित रूप से गाय की हत्या दिखाई गई। उन्होंने कहा कि यह दृश्य बेहद पीड़ादायक था और इसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से लगातार सुरक्षा के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।

आरोपी को छोड़ने के आरोप से बढ़ा विवाद
धर्मगुरु ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों और उनके शिष्यों ने कथित आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, लेकिन पुलिस ने उसे मात्र एक घंटे के भीतर छोड़ दिया। इस आरोप के बाद पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।

प्रशासनिक दावों पर उठे सवाल
शंकराचार्य ने कहा कि जब राज्य में गौ-सुरक्षा के बड़े दावे किए जाते हैं, तो फिर ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं। उन्होंने योगी सरकार की गौ-रक्षा नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तो अपराधियों के हौसले बढ़ेंगे।

कड़ी कार्रवाई और सख्त सजा की मांग
इस मामले में शंकराचार्य ने दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि गोकशी जैसे मामलों में सख्त कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संत समाज ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना की सत्यता और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन इसने कानून-व्यवस्था और संवेदनशील धार्मिक मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी है।