राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा मोड़: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग कोर्ट से जमानत

Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेAise logon ko chhoda bilkul nahi jaana chahiye.
इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी और मृतक राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी को शिलांग की अदालत से जमानत मिल गई है। लंबे समय से न्यायिक हिरासत में बंद सोनम को राहत मिलने के बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। अदालत के इस फैसले ने जांच एजेंसियों की कार्यशैली और गिरफ्तारी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गिरफ्तारी दस्तावेजों में गंभीर त्रुटियों पर कोर्ट सख्त
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी मेमो, केस डायरी और अन्य दस्तावेजों में जिन धाराओं का उल्लेख किया गया था, उनमें गंभीर विसंगतियां थीं। कुछ धाराएं ऐसी दर्ज थीं, जो अस्तित्व में ही नहीं थीं, जबकि हत्या जैसे गंभीर आरोप से जुड़ी वास्तविक धारा का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था। कोर्ट ने माना कि आरोपी को गिरफ्तारी के सही कारण नहीं बताए गए, जिससे उसके मौलिक अधिकार प्रभावित हुए। इसी आधार पर अदालत ने जमानत मंजूर की।
राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश को चौंकाया था
राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए थे। 23 मई को दोनों के लापता होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव शिलांग के सोहरा इलाके की गहरी खाई से बरामद हुआ था। शव पर चोटों के निशान मिलने के बाद मामला हत्या में बदल गया।
प्रेम संबंधों के चलते रची गई साजिश का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, सोनम रघुवंशी के कथित प्रेम संबंध राज कुशवाहा नामक युवक से थे। पुलिस का आरोप है कि इसी संबंध के चलते पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची गई। मामले में सोनम समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि सभी आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
परिवार ने फैसले पर जताया गुस्सा
राजा रघुवंशी के परिवार ने अदालत के फैसले पर नाराजगी जताई है। मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि यह फैसला बेहद पीड़ादायक है और वे हाईकोर्ट में जमानत रद्द कराने की अपील करेंगे। वहीं राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा था, लेकिन अब विश्वास टूट गया है। परिवार ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग भी उठाई है।
जमानत का मतलब बरी होना नहीं
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी दोषमुक्त हो गया है। इसका मतलब केवल यह है कि ट्रायल के दौरान आरोपी को अस्थायी राहत दी गई है। अब इस केस की अगली सुनवाई और अदालत में पेश होने वाले सबूतों पर सबकी नजरें टिकी हैं।
हाईकोर्ट में नई लड़ाई की तैयारी
राजा रघुवंशी के परिवार ने संकेत दिए हैं कि वे इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है।






