दिसंबर की ऑपरेशनल गड़बड़ी ने हिलाया इंडिगो: टिकट रिफंड से लेकर गुडविल जेस्चर तक, खर्चों का अंबार

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एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दिसंबर की शुरुआत में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। 3 से 5 दिसंबर के बीच हजारों उड़ानें रद्द और विलंबित रहीं, जिससे भारत का पैसेंजर फ्लाइट नेटवर्क पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के नुकसान का अनुमान
इस ऑपरेशनल संकट के चलते इंडिगो को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। इसमें टिकट रिफंड, DGCA द्वारा तय यात्री मुआवजा, और एयरलाइन द्वारा घोषित ‘गुडविल जेस्चर’ जैसे बड़े खर्च शामिल हैं।
इसके अलावा होटल में ठहरने, ग्राउंड ट्रांसपोर्ट, यात्रियों के सामान की कूरियर डिलीवरी, रेगुलेटरी पेनल्टी और बैंक गारंटी जैसे कई छोटे लेकिन जरूरी खर्च भी इस घाटे का हिस्सा हैं।
‘जेस्चर ऑफ केयर’ बना सबसे बड़ा खर्च
इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों को राहत देने के लिए ‘जेस्चर ऑफ केयर’ प्रोग्राम शुरू किया। इसके तहत 3 से 5 दिसंबर के बीच जिन यात्रियों की फ्लाइट कैंसिल हुई या तीन घंटे से ज्यादा लेट हुई, उन्हें 10,000 रुपये के ट्रैवल वाउचर दिए गए।
केवल इस स्कीम पर 500 से 1,000 करोड़ रुपये तक का खर्च आने का अनुमान है।
3 लाख यात्रियों को CAR नियमों के तहत मुआवजा
सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) नियमों के अनुसार, 3 लाख से अधिक यात्रियों को 10,000 रुपये तक का मुआवजा दिया गया। अकेले रिफंड की रकम 827 करोड़ रुपये रही।
आनंद राठी की रिपोर्ट: 1,913 करोड़ का संभावित घाटा
आनंद राठी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ के रिसर्च एनालिस्ट शोभित सिंघल के मुताबिक, इस गड़बड़ी से इंडिगो को करीब 1,913 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है।
इसमें ऑपरेशंस में 10% की गिरावट, फ्लाइट कैंसलेशन, अतिरिक्त स्टाफ हायरिंग, FDTL नियमों का पालन, यात्रियों का मुआवजा और DGCA का जुर्माना शामिल है।
DGCA की सबसे सख्त कार्रवाई
DGCA ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
CAR उल्लंघन पर 1.80 करोड़,
FDTL नियमों के उल्लंघन पर 20.40 करोड़,
इसके साथ ही CEO को चेतावनी, SVP को ऑपरेशनल जिम्मेदारी से हटाने और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी फटकार लगाई गई।
इंडिगो Q3 रिजल्ट: मुनाफा 77% गिरा
FY26 की तीसरी तिमाही में इंडिगो का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 77% गिरकर 549.8 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, ऑपरेशनल रेवेन्यू 6% बढ़कर 23,471.9 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी ने माना कि नया लेबर कोड और दिसंबर की ऑपरेशनल दिक्कतें मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह रहीं।
शेयर बाजार में कैसा रहा प्रदर्शन
इंटरग्लोब एविएशन का शेयर आज 3.07% की तेजी के साथ 4,790 रुपये पर बंद हुआ।
1 महीने में: 7.05% की गिरावट,
1 साल में: 16.42% की बढ़त,
संकट की असली वजह क्या रही?
DGCA की जांच में सामने आया कि यह संकट ‘ओवर-ऑप्टिमाइजेशन’, बफर टाइम की कमी, सॉफ्टवेयर खामियों और नियामकीय तैयारियों की कमी के कारण हुआ।
इंडिगो का बयान
इंडिगो ने कहा है कि वह DGCA के आदेशों का पूरा पालन करेगी और आंतरिक प्रक्रियाओं को मजबूत कर भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाएगी।








