53 बैंकों का ₹47,251 करोड़ कर्ज़: NCLT में सिर्फ 0.96% भुगतान

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अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) पर देश के 53 बैंकों का करीब ₹47,251 करोड़ का कर्ज़ बकाया था। भारी वित्तीय संकट के चलते अनिल अंबानी ने स्वयं को दिवालिया (Personal Insolvency) घोषित किया। यह मामला लंबे समय से नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में चल रहा था।
NCLT में सिर्फ ₹455 करोड़ में कर्ज़ समाधान
NCLT में यह मामला महज ₹455 करोड़ के भुगतान पर रीज़ॉल्व कर दिया गया। यह रकम कुल बकाया कर्ज़ का सिर्फ 0.96% बताई जा रही है। इसी बिंदु को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है।
SBI और बैंक ऑफ इंडिया ने लोन को ‘फ्रॉड’ घोषित किया
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया (BoI) ने भी RCom के लोन खाते को “फ्रॉड” घोषित कर दिया है।
BoI का कहना है कि कंपनी द्वारा लिए गए फंड्स का गलत इस्तेमाल (Misuse of Funds) किया गया।
फंड डायवर्जन के आरोप, अनिल अंबानी का नाम शामिल
बैंकों के अनुसार,
हजारों करोड़ रुपये दूसरी कंपनियों के लोन चुकाने में लगाए गए,
बड़ी रकम रिलायंस ग्रुप की अन्य कंपनियों को ट्रांसफर की गई,
फंड्स को जानबूझकर डायवर्ट किया गया,
इन आरोपों में अनिल अंबानी, कंपनी के प्रमोटर और पूर्व निदेशक, का नाम भी शामिल है। बैंक ऑफ इंडिया ने बताया कि RCom को दिया गया ₹700 करोड़ का लोन इस मामले का हिस्सा है।
CBI ने दर्ज किया बैंक फ्रॉड केस, छापेमारी भी हुई
CBI ने ₹2,929 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में RCom के खिलाफ केस दर्ज किया है। इससे पहले मुंबई में RCom के दफ्तर और अनिल अंबानी के आवास पर छापेमारी भी की गई थी। यह मामला मुख्य रूप से SBI से जुड़े लोन से संबंधित बताया गया है।
अब ₹10,000 करोड़ का सोलर निवेश?
इसी बीच खबरें हैं कि अनिल अंबानी की नई कंपनी Reliance NU Suntech आंध्र प्रदेश में ₹10,000 करोड़ के सोलर प्रोजेक्ट में निवेश की तैयारी कर रही है।
यही वह बिंदु है जहां सवाल उठ रहे हैं—
क्या इतने बड़े कर्ज़ और फ्रॉड आरोपों के बाद नया निवेश नैतिक और कानूनी रूप से सही है?
जनता के टैक्स और बैंकिंग सिस्टम पर सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक कारोबारी दिवालियापन नहीं, बल्कि देश के बैंकिंग सिस्टम, टैक्सपेयर्स के पैसे और कॉरपोरेट जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
अब निगाहें जांच एजेंसियों और अदालतों के अंतिम फैसलों पर टिकी हैं।








