अमेरिका-ईरान तनाव से कांपे ग्लोबल मार्केट: Gift Nifty टूटा

Taushif Shekh
0 सेकंड पहलेEconomy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.
Dhruv Bhatt
29 मिनट पहलेEconomy par iska kya asar padega, sochne wali baat hai.
Sai Mehta
46 मिनट पहलेFinancial planning sochni hogi ab naye sir se.
Reyansh Joshi
3 घंटे पहलेBusiness world mein yeh ek badi halachal hai.
दुनियाभर के शेयर बाजारों में एक बार फिर भारी दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। तेल ठिकानों और न्यूक्लियर प्लांट पर हमलों की खबरों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की सख्त चेतावनियों ने वैश्विक बाजारों में बेचैनी पैदा कर दी है। इसका असर एशियाई बाजारों से लेकर यूरोपीय और अमेरिकी शेयर बाजारों तक साफ दिखाई दे रहा है।
Gift Nifty में बड़ी गिरावट, भारतीय बाजार पर दबाव
भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख संकेतक माने जाने वाले Gift Nifty में सोमवार को कारोबार शुरू होते ही बड़ी गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक Gift Nifty करीब 195 अंक टूटकर 23,550 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, Gift Nifty में कमजोरी भारतीय शेयर बाजारों Sensex और Nifty के लिए नकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
जापान से हांगकांग तक बिकवाली
एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखने को मिला। जापान का Nikkei Index करीब 600 अंक गिरकर ट्रेड करता नजर आया। वहीं Hong Kong का Hang Seng Index भी 385 अंक यानी करीब 1.5 फीसदी टूट गया। ब्रिटेन का FTSE-100 इंडेक्स भी लगभग 200 अंक की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
इसके अलावा यूरोपीय बाजारों में भी कमजोरी बनी रही। Germany का DAX Index 500 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि France का CAC Index भी भारी दबाव में रहा। हालांकि South Korea का Kospi Index हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी बाजारों में भी आई बड़ी गिरावट
बीते कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन अमेरिकी शेयर बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली थी। Dow Jones Index 500 अंकों से ज्यादा टूटकर बंद हुआ था, जबकि Nasdaq में 400 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। S&P 500 भी लाल निशान में बंद हुआ था। अमेरिकी बाजारों की इस कमजोरी का असर सोमवार को एशियाई बाजारों में देखने को मिला।
क्यों डरे हुए हैं निवेशक?
बाजारों में डर की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ता तनाव है। Donald Trump की ओर से लगातार दिए जा रहे बयान और मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि समय तेजी से निकल रहा है और जल्द कदम नहीं उठाए गए तो भारी नुकसान हो सकता है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल
मिडिल ईस्ट तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है। Brent Crude Oil की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, जबकि WTI Crude Oil भी 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं Natural Gas की कीमतों में भी करीब 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजारों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन रही हैं।
भारतीय निवेशकों की बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका-ईरान तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी गहरा पड़ सकता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, महंगा कच्चा तेल और वैश्विक अनिश्चितता आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।








