भूमि विवाद को लेकर बढ़ी राजनीतिक तनातनी: मोहन यादव पर भूमि घोटाले के आरोपों पर गरमाई सियासत
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं
पहले आप अपनी बात रखें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए गए कथित भूमि घोटाले के आरोपों को लेकर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद भाजपा ने मोर्चा संभालते हुए सभी दावों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार की जमीनों में मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है।
भाजपा ने पेश किए भूमि रिकॉर्ड के आंकड़े
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम 17 एकड़ भूमि दर्ज थी और वर्ष 2026 तक उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव के नाम दर्ज 12.29 एकड़ भूमि तथा पुत्र वैभव यादव के नाम 16 एकड़ भूमि पहले से ही मौजूद थी। इन संपत्तियों में भी मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
बहू शालिनी यादव की खरीदी जमीन पर भी दी सफाई
भाजपा ने मुख्यमंत्री की पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। पार्टी के अनुसार यह जमीन मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर स्थित है और किसी विकसित या व्यावसायिक क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। भाजपा का दावा है कि इस खरीद का सरकारी योजनाओं या भूमि उपयोग परिवर्तन से कोई संबंध नहीं है।
सिद्धि विनायक कंपनी विवाद पर भाजपा का जवाब
कांग्रेस द्वारा उठाए गए सिद्धि विनायक कंपनी से जुड़े सवालों पर भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्ष 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे चुके थे। पार्टी के अनुसार कंपनी के पास मौजूद भूमि 68 एकड़ से बढ़कर नहीं बल्कि घटकर लगभग 65 एकड़ रह गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री का कंपनी के वर्तमान संचालन से कोई संबंध नहीं है और इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
कांग्रेस ने न्यायिक जांच की उठाई मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव और उनके परिवार द्वारा बड़ी मात्रा में भूमि खरीदी गई है। कांग्रेस का आरोप है कि परिवार की कुल भूमि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और कई जमीनें उन क्षेत्रों में खरीदी गई हैं जहां सड़क परियोजनाओं और भूमि उपयोग परिवर्तन की घोषणाएं की गई थीं।
'ओबीसी नेतृत्व को कमजोर करने की साजिश' : भाजपा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि जब भी मध्य प्रदेश में पिछड़े वर्ग (OBC) से कोई मुख्यमंत्री बनता है, विपक्ष उसे निशाना बनाने का प्रयास करता है।
उन्होंने कहा कि उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान और अब मोहन यादव के खिलाफ भी इसी तरह के राजनीतिक अभियान चलाए गए हैं। भाजपा का आरोप है कि विकास और जनहित के मुद्दों पर मुकाबला नहीं कर पाने के कारण कांग्रेस इस प्रकार के आरोप लगा रही है।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के दूर के रिश्तेदारों को विवाद से जोड़ना पूरी तरह गलत है। पार्टी ने कहा कि तथ्यहीन खबरें फैलाने और भ्रम की स्थिति पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच की मांग तेज
भूमि खरीद से जुड़े इस विवाद ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। एक ओर कांग्रेस न्यायिक जांच की मांग पर अड़ी हुई है, वहीं भाजपा सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।

