देश के कई राज्यों में मानसून का रौद्र रूप: राजस्थान,मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसे हालातदेश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मध्य प्रदेश में अब तक 527 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और आपदा राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रही हैं। मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बिगड़े हालात मध्य प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।भोपाल समेत कई जिलों में प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने पड़े हैं। बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 527 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और राहत-बचाव अभियान पर नजर रखी।राज्य में मौसम विभाग की ओर से भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। राजस्थान के हाड़ौती में बारिश का कहर राजस्थान में भी मानसून की सक्रियता के कारण हालात तेजी से बिगड़े हैं। सबसे ज्यादा असर कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ वाले हाड़ौती क्षेत्र में देखने को मिला है। कई स्थानों पर भारी बारिश के बाद नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है।झालावाड़ में भारी बारिश के बाद कई बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करनी पड़ी। कालीसिंध और अन्य जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। कुछ गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।कोटा और आसपास के इलाकों में भी लगातार बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने नदी और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।