छिंदवाड़ा में जयमाला बनी बवाल: दुल्हन ने दूल्हे को छोड़ प्रेमी को पहनाई वरमाला
Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेIs update ka bahut intezaar tha.
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के उमरेठ थाना क्षेत्र अंतर्गत मुजावर गांव में एक शादी समारोह उस वक्त विवाद में बदल गया, जब जयमाला की रस्म के दौरान दुल्हन ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए दूल्हे को छोड़ अपने प्रेमी के गले में वरमाला डाल दी। यह घटना 27-28 अप्रैल की रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे समारोह को हंगामे में बदल दिया।
दुल्हन ने स्टेज से उतरकर प्रेमी को पहनाई वरमाला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही जयमाला की रस्म शुरू हुई, दुल्हन अचानक स्टेज से उतरी और वहां मौजूद अपने प्रेमी के पास पहुंचकर उसे वरमाला पहना दी। इतना ही नहीं, उसने प्रेमी को गले भी लगा लिया। यह नजारा देखकर दूल्हा, बाराती और मौजूद सभी लोग स्तब्ध रह गए।
दोनों पक्षों में जमकर विवाद, हाथापाई तक पहुंची बात
घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हाथापाई में बदल गया। अफरा-तफरी के बीच शादी समारोह को बीच में ही रोकना पड़ा।
दूल्हे ने शादी से किया इंकार, बारात लौटी खाली हाथ
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद दूल्हे ने शादी से साफ इंकार कर दिया। बारात बिना विवाह के ही वापस लौट गई। दूल्हा पक्ष अपने साथ दिए गए सामान जैसे अंगूठी, मोबाइल आदि भी वापस ले गया।
थाने पहुंचा मामला, जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद दूल्हा पक्ष ने उमरेठ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि दुल्हन और उसके प्रेमी के बीच लंबे समय से संबंध थे, लेकिन परिवार के दबाव में वह इस शादी के लिए राजी हुई थी।
वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मामला अब सामाजिक चर्चा का विषय बन चुका है।
कानूनी पहलू: दूल्हे के पास क्या हैं अधिकार?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, दूल्हा इस मामले में धोखाधड़ी, मानसिक क्रूरता और सार्वजनिक अपमान के आधार पर केस दर्ज कर सकता है। साथ ही, शादी में हुए खर्च और दिए गए सामान की भरपाई के लिए सिविल केस भी किया जा सकता है।
एक साल में दूसरा मामला
परासिया क्षेत्र में इस तरह की यह दूसरी घटना है। इससे पहले फरवरी 2025 में खिरसाडोह क्षेत्र में भी एक शादी के दौरान दुल्हन ने फेरे से पहले ही विवाह से इंकार कर दिया था, जिससे बारात खाली लौट गई थी।
समाज के सामने खड़े हुए सवाल
इस घटना ने रिश्तों में विश्वास, पारिवारिक दबाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या जबरन कराई जा रही शादियां ऐसे ही परिणाम देती हैं? क्या युवाओं को अपने फैसले खुद लेने की आजादी मिलनी चाहिए?


