रोड शो में अमित शाह का आक्रामक भाषण वायरल: “दीदी के गुंडे… उल्टा लटका कर सीधा कर दूंगा”
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेItni badi khabar! Bahut shocking hai yeh.
Ada khan
3 घंटे पहलेSach dikhane ka shukriya, aisi journalism chahiye.
Sonu rai
5 घंटे पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
Sonu rai
5 घंटे पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
Ravi sinha
8 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
Krishna Yadav
9 घंटे पहलेSarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक तीखा बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। रोड शो और जनसभा के दौरान दिया गया उनका भाषण तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे विपक्ष पर सीधा हमला बोलते नजर आए। खास तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थकों को लेकर की गई उनकी टिप्पणी ने सियासी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है।
“दीदी के गुंडे…” बयान से मचा सियासी बवाल
अमित शाह ने सभा के दौरान कहा, “दीदी के गुंडे… उल्टा लटका कर सीधा कर दूंगा।” इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा समर्थक इसे कानून-व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दल इसे चुनावी आक्रामकता और लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बयानबाजी करार दे रहे हैं।
दूसरे चरण के मतदान को लेकर चेतावनी
बताया जा रहा है कि यह बयान 23-24 अप्रैल 2026 के आसपास दूसरे चरण के मतदान से पहले दिया गया। अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पहले चरण के दौरान कई लोग बाहर नहीं निकले और अब दूसरे चरण में भी ऐसा ही करें, अन्यथा चुनाव परिणाम आने के बाद कड़ी कार्रवाई होगी। इस बयान को लेकर विपक्ष ने बीजेपी पर डराने की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
संदेशखाली मुद्दे का भी किया जिक्र
अपने भाषण में अमित शाह ने संदेशखाली मामले का भी उल्लेख किया, जहां महिलाओं के खिलाफ कथित अत्याचारों को लेकर पहले से ही बंगाल की राजनीति गरम है। शाह ने कहा कि भाजपा महिलाओं की सुरक्षा और न्याय के लिए प्रतिबद्ध है तथा राज्य में बदलाव लाकर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाएगी।
घुसपैठियों पर भी साधा निशाना
सभा के दौरान अमित शाह ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार सत्ता में आती है तो राज्य से घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा। इस बयान को भाजपा की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि सीमावर्ती इलाकों में यह मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है।
TMC और BJP आमने-सामने
अमित शाह के बयान के बाद TMC नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा नेताओं की भाषा लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। वहीं भाजपा का कहना है कि यह बयान अपराधियों और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त चेतावनी है, न कि आम जनता के खिलाफ।
चुनावी माहौल में शब्दों की ताकत फिर दिखी
यह वायरल वीडियो एक बार फिर दिखाता है कि चुनावी मौसम में नेताओं के शब्द कितने असरदार होते हैं। एक बयान न सिर्फ सोशल मीडिया पर ट्रेंड बन जाता है, बल्कि जनता की सोच और राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित करता है। अब देखना होगा कि इस बयान का बंगाल चुनाव पर कितना असर पड़ता है।




