ओवैसी की विपक्ष को दोटूक शर्त: कहा- बराबरी के बिना गठबंधन नहीं

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Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

0 सेकंड पहले

Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Ayaan Khan

Ayaan Khan

0 सेकंड पहले

Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

0 सेकंड पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Diya Gupta

Diya Gupta

0 सेकंड पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

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AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi का एक बयान देश की राजनीति में नई बहस का विषय बन गया है। भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता को लेकर उन्होंने अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि AIMIM किसी भी ऐसे प्रयास का समर्थन करने को तैयार है, जिसका उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता में आने से रोकना हो। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि यह सहयोग केवल चुनावी गणित तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सम्मान, बराबरी और राजनीतिक हिस्सेदारी के सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए।

 

‘दरी बिछाने की राजनीति नहीं करेगी AIMIM’
एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी अब केवल दूसरों के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने या “दरी बिछाने” की राजनीति नहीं करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि विपक्षी दल वास्तव में भाजपा को हराना चाहते हैं, तो उन्हें AIMIM और मुस्लिम नेतृत्व को भी सम्मानजनक भागीदारी देनी होगी। उनके अनुसार, राजनीतिक सहयोग तभी सार्थक होगा जब सभी सहयोगी दलों को बराबरी का दर्जा मिले।

 

उत्तर प्रदेश में सपा पर भी साधा निशाना
रविवार को उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मटेरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कुछ हिस्सों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा अब राजनीतिक रूप से अधिक जागरूक हो चुका है और वह केवल वादों के आधार पर निर्णय नहीं लेता।

 

अखिलेश यादव और विपक्षी दलों पर उठाए सवाल
ओवैसी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav पर निशाना साधते हुए विपक्षी दलों की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। उनके अनुसार, भाजपा को चुनौती देने के लिए केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि मजबूत और समावेशी राजनीतिक गठबंधन की आवश्यकता है।

 

‘BJP को रोकना है तो AIMIM को साथ लेना होगा’
AIMIM प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई दल भाजपा को सत्ता में आने से रोकना चाहता है, तो वह उसके साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं। लेकिन बाद में AIMIM पर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को AIMIM को गठबंधन में शामिल करने और उसके राजनीतिक आधार को स्वीकार करने की आवश्यकता है।

 

विपक्षी राजनीति में नई बहस
ओवैसी के इस बयान के बाद विपक्षी राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM अब केवल क्षेत्रीय प्रभाव तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक भूमिका और हिस्सेदारी को लेकर अधिक मुखर हो रही है। आने वाले समय में विपक्षी दल इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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Ritika Ghosh

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Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Ayaan Khan

Ayaan Khan

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Neta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!

Aryan Malhotra

Aryan Malhotra

0 सेकंड पहले

Chunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.

Diya Gupta

Diya Gupta

0 सेकंड पहले

Bahut achhi reporting ki hai, keep it up!

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